जानिए क्या है भगवान विष्णु के चार हाथ होने का रहस्य..!!!

ये तो हम सभी जानते हैं कि विष्णु भगवान अलग अलग उद्देश्य से अलग-अलग समय पर इस धरती पर अवतरित हुए है । हम हर देवी देवताओ की पूजा करते है जिनकी अपनी विशेषताएं भी है और हर देवी देवता अपने शारीरिक आकर के लिए भी जाना जाता है । भगवान विष्णु पूरे ब्रह्मांड के देवता

भगवन विष्णु के 4 हाथ
भगवन विष्णु के 4 हाथ

माने जाते हैं। आपने जब भी भगवन विष्णु के चित्र को देखा होगा तो उनके 4 हाथ देखें होंगे, क्या आप जानते है इन 4 हाथों के पीछे एक सन्देश छुपा हुआ है । आज जानते है आखिर भगवान विष्णु के पास 4 हाथ होने के पीछे का क्या रहस्य है। पौराणिक कथा के अनुसार एक समय की बात है

प्राचीनकाल में जब भगवान शंकर के मन में सृस्टि रचने का उपाए आया तो सबसे पहले उन्होनें अपनी आंतरदृस्टि से भगवान विष्णु को पैदा किया और उनको चार हाथ दिए जो उनकी शक्तिशाली और सब व्यापक प्रकृति का संकेत देते है जिनमें कई प्रकार की शक्तिया प्रदत्त की ।अब जानते है क्या कहते है विष्णु के 4 हाथ।

विष्णु जी अपनी नागों की शय्या पर लेटे हुए
विष्णु जी अपनी नागों की शय्या पर लेटे हुए

उनके सामने के दो हाथ भौतिक अस्तित्व का प्रतिनिधित्व करते है, दोनों हाथ भौतिक फल देने वाले हैं और पीछे के दोनों हाथ मनुष्य को आध्यात्मिक दुनिया में अपनी उपस्थिति का प्रतिनिधित्व करते हैं,आध्यात्मिक रास्ता दिखाते हैं।

साथ ही एक और सन्देश देते है , विष्णु के चार हाथ अंतरिक्ष की चारों दिशाओं पर प्रभुत्व व्यक्त करते हैं और मानव जीवन के चार चरणों और चार आश्रमों के रूप का प्रतीक है :1. ज्ञान के लिए खोज (ब्रह्मचर्य ) 2. पारिवारिक जीवन (गृहस्थ) 3. वन में वापसी (वानप्रस्थ-) 4. संन्यास । जैसे भगवान विष्णु सृस्टि के निर्माता माने जाते है वैसे ही उनके हाथ हमें जीवन का सन्देश देते है जीवन के विभिन्न पड़ाव के बारे में बताते हैं ।