जानें..!!किस विशेष संयोग से खास बन गया है इस बार का सावन..!!!

जानें..!!किस विशेष संयोग से खास बन गया है इस बार का सावन..!!!

भगवान शिव का प्रिय श्रावण मास 10 जुलाई से प्रारम्भ हो चूका है और 7 अगस्त को रक्षाबंधन यानी श्रावण पूर्णिमा,उस दिन समाप्त होगा।इस बार सावन में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव कैलाश पर निवास करते हैं और इस पवित्र माह में उनके पूजन एवं अभिषेक से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस बार कई साल बाद सावन मास में अलौकिक योग का संयोग बन रहा है। सावन की शुरुआत चन्द्रांश

योग में हो रहा है। सावन की शुरुआत एवं समापन सोमवार से होना भी विशेष योग है। पांच सोमवार के चलते महागजकेशरी का संयोग अति फलदायी है।

खास बात यह है कि वैधृति योग के साथ सावन प्रारंभ हो रहा है और आयुष्मान योग के साथ इस मास की समाप्ति। सभी के मालिक शिव ही हैं,इसलिए इस बार का सावन खास है। सावन में बेलपत्र, दूध, गंगाजल, भांग, धतूरा, मदार और फूल भोलेनाथ को अर्पित करने से शनि भी प्रसन्न रहते

हैं। ऐसा करने से शनि की ढैया और साढ़े साती से परेशान लोगों को भी लाभ मिलता है। ज्योतिष के अनुसार इस बार श्रावण मास का प्रत्येक दिन और तिथि परम पवित्र है। इस माह में जो शुभ कर्म किया जाता है, वह अनन्त फल देने वाला होता है। भगवान शिव को अभिषेक अत्यधिक प्रिय है। अभिषेकात्मक अनुष्ठान शिव की आराधना में विशेष माना जाता है। सावन में शिवलिंग का अभिषेक गंगा जल, पवित्र नदियों के जल, गन्ने के

रस, दूध, पंचामृत इत्यादि अनेक द्रव्यों से रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों से किया जाना अत्यंत लाभकारी होता है ।

 

भगवान भोलेनाथ आप सभी पर कृपा बनाये रखें ।

॥ जय महाकाल ॥