हिन्दू धर्म के इन विचित्र श्रापों को पढ़कर होगी आपको भी हैरानी..!!!

हमारे हिन्दू धर्म के ग्रंथों में हमें अनेक विचित्र श्रापों का वर्णन मिलता है| आज जानते हैं कुछ ऐसे ही चर्चित श्रापों के बारे में:-

  1. गांधारी का श्रीकृष्ण को श्राप

महाभारत के युद्ध के बाद गांधारी ने श्रीकृष्ण को श्राप दिया कि जिस प्रकार पांडव और कौरव आपसी फूट के कारण नष्ट हुए हैं, उसी प्रकार आज से छत्तीसवें वर्ष तुम भी अपने बंधु-बांधवों का वध करोगे।

  1. युधिष्ठिर का स्त्री जाति को श्राप

महाभारत में युद्ध के बाद युधिष्ठिर ने शोक में आकर पूरी स्त्री जाति को श्राप दिया कि वे कोई भी बात छुपा नहीं पाएंगी|

  1. माण्डव्य ऋषि का यमराज को श्राप

महाभारत काल में एक राजा ने माण्डव्य नाम के ऋषि को भूल से चोर मानकर सूली पर चढ़वा दिया| ऋषि ने क्रोधित होकर यमराज को श्राप दिया कि उन्हें शुद्र योनि में एक दासी पुत्र के रूप में जन्म लेना पड़ेगा। इसी श्राप के कारण यमराज ने महात्मा विदुर के रूप में जन्म लिया।

  1. रावण को नंदी का श्राप

एक बार रावण कैलाश भगवन शिव से मिलने गया, वहां नंदी को देख रावण हसने लगा तभी नंदी ने रावण को श्राप दिया कि बंदरो के कारण ही उसका सर्वनाश होगा|

  1. उर्वशी ने दिया था अर्जुन को श्राप

महाभारत के युद्ध से पहले उर्वशी ने अर्जुन को श्राप दिया कि वह नंपुन्सक हो जाएगा और उसे स्त्रियों में नर्तक बनकर रहना पड़ेगा।

  1. राजा अनरण्य का रावण को श्राप

राजा अनरण्य और रावण के बीच युद्ध हुआ था| उस युद्ध में राजा अनरण्य की मृत्यु हो गई। मरने से पहले उन्होंने रावण को श्राप दिया कि एक रघुवंशी ही तेरी मृत्यु का कारण बनेगा।

  1. तुलसी का श्रीगणेश को श्राप

तुलसी ने गणेश जी को श्राप दिया कि उनका विवाह उनकी इच्छा के विपरीत होगा. उन्हें कभी मां पार्वती के समतुल्य जीवनसंगिनी नहीं मिलेगी.

Loading...