अद्भुत विचित्र मंदिर; जहाँ नहीं होती किसी देवी-देवता की पूजा..!!!

विचित्र मंदिर (Temple)

जैसे ही मंदिर या किसी देवालय का नाम आता है तो हमें कोई देवी-देवता या कोई भगवान (God) का नाम ही हमें याद आता है।

वैसे तो हम सभी मंदिर (Temple) में भगवान (God) की पूजा करने जाते हैं।

लेकिन अगर हम आपको कहें कि कुछ ऐसे विचित्र मंदिर (Temple) है जहाँ पर कोई देवी देवता नहीं बल्कि कुछ ख़ास लोगों कि मूर्ति है।

तो आपको हैरानी होगी किन्तु यह सत्य है।

विचित्र मंदिर:शकुनी मंदिर
विचित्र मंदिर:शकुनी मंदिर

दरअसल भारत में कई ऐसे विचित्र मंदिर (Temple) है जिनमें किसी भगवान (God)कि मूर्ति नहीं है ।

आज हम आपको उनमे से कुछ विचित्र मंदिर (Temple) के बारे में बता रहें है आइये जानते है इन मंदिरों के बारे में:

विचित्र मंदिर जहाँ नहीं होती किसी देवी-देवता की पूजा

शकुनी मंदिर

केरल के कोल्लम जिले में स्थित यह मंदिर महाभारत (Mahabharat) काल के शकुनी का मंदिर है।

यहां के लोग पूरी श्रद्धा और आस्था से इनकी पूजा करते हैं।

विचित्र मंदिर:कर्ण मंदिर
विचित्र मंदिर:कर्ण मंदिर

दुर्योधन मंदिर

शकुनि (Shakuni) मंदिर के पास ही दुर्योधन मंदिर स्थित है। दुर्योधन से तो हम सब वाकिफ है वह कौरवो के सबसे बड़े भाई थे।

हिडिंबा मंदिर

यह अनोखा मंदिर हिमाचल प्रदेश के मनाली जिले में स्थित है और यहां पर आज भी खून का प्रसाद चढ़ता है।

कर्ण मंदिर

यह मंदिर उत्तरकाशी में बना हुआ है ।

विचित्र मंदिर:वाल्मीकि मंदिर
विचित्र मंदिर:वाल्मीकि मंदिर

आपको बता दें कि यह मंदिर लकड़ियों से बना हुआ है।

और इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां पर पांडवों के बीच 6 छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं।

वाल्मीकि मंदिर

वाल्मीकि जी को भारत में कई जगहों पर पूजा जाता है।

लेकिन यह मंदिर इसलिए खास है क्योंकि यह लाहौर में बना हुआ है और यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसमें आज भी पूजा होती है।

विचित्र मंदिर:द्रोपदी मंदिर
विचित्र मंदिर:द्रोपदी मंदिर

द्रोपदी मंदिर

यह मंदिर सबसे पुराने मंदिरों में से एक है और बेंगलुरु में स्थित है।

यह मंदिर पांडवों की पत्नी द्रोपदी (Draupadi) को समर्पित है,

और करीब 800 साल पुराना है और इसका नाम धर्माया स्वामी टेंपल है।

यहाँ नहीं होती किसी देवी-देवता की पूजा

जटायु मंदिर

इस मंदिर को मोक्ष तीर्थम भी कहा जाता है।

यह मंदिर नासिक से करीबन 65 किलोमीटर दूर तकैत नाम की जगह पर स्थापित है।

यह माना जाता है कि इस जगह पर जटायु (Jatayu) ने अपनी अंतिम सांस ली थी और भगवान राम ने उनका सारा क्रिया कर्म यही किया था।

इस मंदिर के पास एक नदी भी है जिसका स्तर पूरे साल भर एक समान ही रहता है।

जटायु महाराज के मंदिर और भी कई जगह पर है।

विचित्र मंदिर: गांधारी मंदिर
विचित्र मंदिर: गांधारी मंदिर

गांधारी मंदिर
कौरवों की माँ गांधारी का यह एक बहुत ही विचित्र मंदिर है जो मैसूर में स्थित है। यहां उनकी पूजा की जाती है ।

रावण मंदिर
काकीनाडा में स्थित यह मंदिर सबसे प्रसिद्ध मंदिर है।

यहां रावण (Ravan) की पूजा की जाती है मध्यप्रदेश में भी रावण ग्राम रावणा नामक एक मंदिर है जहां रावण (Ravan) की पूजा की जाती है।

विचित्र मंदिर: रावण मंदिर
विचित्र मंदिर: रावण मंदिर

भीष्म पितामह मंदिर
महाभारत के अहम् किरदार और कौरवों और पांडवों के गुरु भीष्म पितामह (Bhism) का यह मंदिर इलाहाबाद में स्थित है ।

यह पूरे देश में एक मात्र और अनोखा मंदिर है जहां भीष्म पितामह की पूजा की जाती है।

 

परम पिता परमेश्वर आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें ।

॥ जय महाकाल ॥