जानिए..!!इस बार 10 मई को आने वाली वैशाख पूर्णिमा क्यों है इतनी महत्वपूर्ण…!!!!

जानिए..!!इस बार १० मई को आने वाली वैशाख पूर्णिमा क्यों है इतनी महत्वपूर्ण…!!!!

इस साल 10 मई को 297 साल बाद आ रही वैशाख पूर्णिमा पर विशेष बुधादित्य योग का महासंयोग बन रहा है।ज्योतिशास्त्र के अनुसार इस प्रकार के योग-संयोग की गणना ज्योतिष में दुर्लभ होती है। ऐसा माना गया है कि यह योग स्नान, दान-पुण्य के साथ खरीदी के लिए भी शुभ है।वैशाख पूर्णिमा का हिंदू अनुयायियों के लिये विशेष महत्व है।वैशाख का महिना चल रहा था,जो कि वैसे ही बहुत ही शुभ महिना माना जाता है। इस वैशाख के महीने में महत्वपूर्ण त्यौहार मनाये है और अब आखिरी त्यौहार यानी पूर्णिमा आ गई है।आज हम आपको बता रहे है क्यों वैशाख पूर्णिमा इतनी महत्वपूर्ण है।

10 मई को आने वाली पूर्णिमा के साथ बुद्ध आदित्य महासंयोग बन रहा है। ज्योतिशास्त्र कि माने तो यह योग व्यापार में वृद्धि कराने के लिए शुभ होती है। वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन धर्मराज व्रत रखा जाता है।इस दिन बुद्ध पूर्णिमा भी पूर्णिमा भी मनाई जाती है।यह बहुत पवित्र तिथि होती है।

भविष्य पुराण, आदित्य पुराण में वर्णन मिलता है कि वैशाखी पूर्णिमा बहुत ही अधिक फलदायी और अत्यंत पवित्र है। इस दिन पिछले एक महीने से चला आ रहा वैशाख स्नान एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्ण आहूति की जाती है। मंदिरों में हवन-पूजन के बाद वैशाख महात्म्य कथा का परायण किया जाता है।  इस दिन प्रातः नदियों एवं पवित्र सरोवरों में स्नान के बाद दान-पुण्य का विशेष महत्व कहा गया है। धर्मराज के निमित्त जल से भरा हुआ कलश, पकवान एवं मिष्ठान आज के दिन वितरित करना।गौदान के समान फल देने वाले बताए गए हैं।

पुराणों के अनुसार वैशाख का यह पक्ष पूजा-उपासना और दान के हिसाब से विशेष महत्व रखता है,इस दिन करा हुआ दान भगवान निश्चित रूप से स्वीकार करते है और हमारे ऊपर असीम कृपा करते है, और हमारी सभी मनोकामनाओं को पूरी करते है।