क्यों मना है गर्भवती महिला को मृत व्यक्ति का मुंह देखना; पढ़िए एक वैज्ञानिक सोच..!!!!

हिन्दू धर्म में बहुत सारी परंपराओं है जिनके पीछे कोई न कोई कारण बताया गया है। प्रकृति के कुछ ऐसे सिद्धांत है जो जीवन के आधार है वो कभी नहीं बदलते, जिनमें मनमाने तरीकों से न कुछ जोड़ा जा सकता और घटाया अर्थात विश्वभर में प्रकृति के सिद्धांतों है जो आध्यत्म के भी आधार है।

गर्भवती महिला
गर्भवती महिला

भारतीय मान्यता में ऐसी ही एक परंपरा है कि गर्भवती स्त्री को मृतव्यक्ति या लाश को नहीं देखना चाहिए यहां तक कि उस घर के आसपास भी नहीं जाना चाहिए जहां मौत हुई हो।

अब आप सोचेंगे कि यह एक रूढि या अन्धविश्वास है, मृत व्यक्ति का चेहरा देखने से गर्भवती महिला और उसके गर्भ पर क्या असर पड़ेगा, लेकिन इसके पीछे भी कुछ वैज्ञानिक कारण हैं, आज हम आपको इसी का कारण बताने जा रहे है, तो आइये जानते है।

मृत व्यक्ति
मृत व्यक्ति

हिन्दू धर्म में परिवार में नए सदस्य का आगमन एक उत्सव के रूप में मनाया जाता है लेकिन बच्चे का जन्म एक बड़ी जिम्मेदारी भी होता है।

उसे पाने के लिए मां 9 महीने तक उसका इंतजार करती है लकिन यह रह आसान नहीं होती इस दौरान वह बहुत संतुलित और सम्यक जीवन जीती है, माना जाता है कि गर्भ में पल रहे बच्चे की सुरक्षा के लिए मां को बहुत से संयम में बंध कर रहना पड़ता है।

दरअसल जिस घर में किसी व्यक्ति की मौत हुई है वहां के लोग शोकाकुल रहते हैं पूरा परिवार शोक में डूबा रहता है। शोक की वजह से बहुत सी नकारात्मक तरंगे उन लोगों के शरीर से प्रवाहित होंगी जो कि गर्भस्थ शिशु के लिए ठीक नहीं होती हैं।

नकारात्मक तरंगे
नकारात्मक तरंगे

गर्भस्थ शिशु बहुत नाजुक और संवेदनशील होता है उसकी सुरक्षा के लिए बहुत ज्यादा सतर्कता और जागरूकता की जरूरत पड़ती है। ऐसे में उसके आसपास के वातावरण और बाहरी दुनिया में क्या चल रहा है उसका बच्चे पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है। यदि मृतक गर्भवती महिला का कोई बहुत करीबी है तो निश्चित ही महिला भी शोकग्रस्त होकर बहुत रोएगी, लेकिन उसे ऐसा नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से उसकी निराशा, शोक और दुःख का असर उसके गर्भस्थ शिशु पर भी पड़ता है।

वैज्ञानिक कारण

इन सब बातों के अतिरिक्त वैज्ञानिक कारण यह है कि मृत व्यक्ति के शरीर यानी कि शव से अनेक प्रकार के विषाणु और विषाक्त जीव निकलते हैं जो कि हवा में फैलकर प्रहार करते हैं, और गर्भवती महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है इसलिए उसे ऐसे विषाणुओं से बहुत ज्यादा खतरे की सम्भावना होती है।

गर्भवती महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है
गर्भवती महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है

मृत व्यक्ति के शरीर में कई तरह के बैक्टिरिया होते हैं, जो बहुत तेजी से संक्रमण फैलाते हैं। गर्भवती महिला शारीरिक रूप से अधिक मजबूत नहीं होती हैं मृत शरीर से निकलने वाले बैक्टिरिया होने वाले शिशु और मां दोनों संक्रामित हो सकते हैं। । इसलिए गर्भवती महिला को मृत व्यक्ति का मुंह नहीं देखने दिया जाता या उस घर में नहीं जाने दिया जाता जहां किसी की मौत हुई हो।

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