शहर में कितनी भी गर्मी हो पर यह मंदिर रहता है हमेशा ठंडा क्यों ये किसी को पता नहीं …..

एक ऐसा शहर जो अपनी गर्मी के लिए पुरे देश में जाना जाता है यह शहर है उड़ीसा का टिटलागढ लेकिन महादेव ने अपना चमत्कार दीखाने  के लिए चुना इसी शहर को यहाँ का शिव मंदिर एक चमत्कारिक स्थान है जैसे जैसे बाहर गर्मी बदती जाती है वैसे वैसे यह स्थान ठंडा होता जाता है वो भी बिना किसी ए सी  या कूलर अथवा पंखे के | महादेव के रंग ऐसे ही निराले है

इस शहर के गर्म होने का  कारण यहां स्थित कुम्हड़ा पहाड़ है। पथरीली चट्टानों वाले इस पहाड़ की ऊंचाई पर तापमान 55 डिग्री तक जाता है। लेकिन इसी पहाड़ के एक हिस्से में एक ऐसा मंदिर है जहां AC जैसी ठंडक रहती है। बाहर जितनी गर्मी, अंदर उतनी ठंड…

इस मंदिर में भगवान शंकर और पार्वती की मूर्ति है। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि बाहर जैसे- जैसे धूप बढ़ती है, वैसे-वैसे मंदिर के अंदर ठंड बढ़ती जाती है। मान्यता है यहां स्थापित प्रतिमाओं से ठंडी हवा आती है। मंदिर का दरवाजा बंद करने पर उस ठंडी हवा से पूरा मंदिर ठंडा हो जाता है। पंडित को कई बार कंबल भी ओढ़ना पड़ जाता है।

मंदिर के बाहर इतनी गर्मी होती है कि  बाहर निकलकर कोई व्यक्ति 5 मिनट खड़ा हो जाए तो वह पसीने से तर हो जाए। विज्ञानं भी अभी तक इस रहस्य को सुलझाने में कामयाब नहीं हुआ ऐसा क्यों होता है इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।