आज भी हैं माता लक्ष्‍मी को यहां कान्‍हा का इंतजार कन्‍हैया तथा श्रीराधारानी के प्रेम और एक-दूसरे को रूठने-मनाने की कहान‍ियां तो आपने जरूर पढ़ी होंगी। परंतु आज