धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब मां कुष्मांडा ने अपनी हंसी से ब्रह्मांड की रचना की थी। नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा