इस पाठ से प्रसन्न होकर कृपा करते हैं हनुमानजी!!! हनुमानजी अपनी शरण में आए हुए भक्त को कभी निराश नहीं करते. जिस तरह मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम दीनों पर दया