अगर बचाना है जीवन को बर्बाद होने से तो भुलकर भी ना करे सुर्यदेव तस्वीर के इस हिस्से के दर्शन !!!! जानिये क्यो ??

अगर बचाना है जीवन को बर्बाद होने से तो भुलकर भी ना करे सुर्यदेव तस्वीर के इस हिस्से के दर्शन !!!! जानिये क्यो ??

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है । जैसा कि आप सब जानते हैं पंचदेवों में सूर्य भगवान का एक विशेष स्थान है सूर्य की पूजा करने से सभी तरह के फल प्राप्त होते हैं। इसलिए हम सुबह सुबह जाकर सूर्यदेव को जल चढ़ाते हैं लेकिन भगवान सूर्य देव की आराधना करने के पीछे कुछ खास नियम बनाया गया है ।शास्त्रों के अनुसार कभी भी भगवान सूर्य के पैरों के दर्शन नहीं करना चाहिए ।अगर गलती से भी आपने सूर्य देव की प्रतिमा के पैरों का दर्शन कर लिया तो इसका परिणाम विनाशकारी होता है शास्त्रों मैं इसके पीछे एक कथा बताई गई है।

पुराणों के अनुसार सूर्य का विवाह प्रजापति की पुत्री संज्ञा से हुआ था सूर्य का आभार तेजस्वी होने के कारण उन्हें सामान्य आंखों से देख पाना संभव नहीं होता था । इसी वजह से कुछ दिनों बाद संज्ञा ने अपनी छाया को पति सूर्य देव की सेवा में लगा दिया और अपने पिता के घर चली गई । जब कुछ समय बाद सूर्य को इस बात का आभास हुआ तो उन्होंने तुरंत संज्ञा को अपने पास बुला लिया और जाने का कारण पूछा तब संज्ञा ने सारी बातें सूर्यदेव को बताई।

इसके बाद में सूर्य देव ने तुरंत देवताओं के शिल्पकार विश्वकर्मा को बुलाया और निवेदन किया कि मेरा तेज थोड़ा कम कर दे । तब विश्वकर्मा ने एक चाक बनाया और सूर्य पर चढ़ा दिया। विश्वकर्मा ने सूर्य के सारे शरीर का तेज कम कर दिया लेकिन उनके पैरों का तेज कम न कर सके ।इसी कारण से तब से उनके पैरों का तेज सहन करना मुश्किल बना हुआ है इसी कारण से हमारे शास्त्रों में सूर्य के चरणों का दर्शन वर्जित माना जाता है। जो भी यदि सूर्य के चरणों के दर्शन करता है उसे पाप से मुक्ति नहीं मिल पाती । यही कारण है कि कभी भी सूर्य की प्रतिमा के चरणों के दर्शन नहीं करना चाहिए।

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