भूलकर भी न करें सूर्य को जल चढ़ाते वक्त ये गलती..!!हो जाएँगे सूर्य देव नाराज़..!!!

भूलकर भी न करें सूर्य को जल चढ़ाते वक्त ये गलती..!!हो जाएँगे सूर्य देव नाराज़..!!!

भूलकर भी न करें सूर्य को जल चढ़ाते वक्त ये गलती
भूलकर भी न करें सूर्य को जल चढ़ाते वक्त ये गलती

रविवार का दिन सूर्यदेव की पूजा के लिए विशेष है। ज्योतिष में सूर्य को सभी ग्रहों का अधिपति माना गया है। सूर्यदेव को जल चढ़ाने से व्यक्ति को जीवन की हर परेशानी से मुक्ति मिलती है। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में सूर्य ठीक होने पर व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान, उच्च पद की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही कई रोगों का भी नाश होता है। कुंडली में सूर्य कमजोर होने से व्यक्ति को परेशानियों का सामाना करना पड़ता है।

शास्त्रों के अनुसार सुबह के समय सूर्य को अर्घ्य देते कुछ ऐसी बातें हैं जिनका खास ध्यान रखना होता है।क्योंकि अगर सूर्य को अर्घ्य देते हुए ये गलतियां हो जाती हैं तो भगवान प्रसन्न होने के बजाय क्रोधित हो जाते हैं।सूर्य को शांति व शालीनता प्रदान करने का प्रतीक माना गया है। इसलिए सूर्य को जल चढ़ाते हुए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि जरा सी भी गलती भगवान को नाराज कर सकती है।

आइए जानते हैं सूर्य देव को जल अर्पित करते समय ध्यान देने योग्य जरूरी बातें:

  1. सर्वप्रथम ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कार्यों से निवृत होकर जल चढ़ाये,कभी भी बिना स्नान के जल अर्पित न करें।
  2. अर्घ्य देते समय स्टील, चांदी, शीशे और प्लास्टिक बर्तनों का प्रयोग न करें।सूर्यदेव को तांबे के पात्र से ही जल दें। जल देते समय दोनों हाथों से तांबे के पात्र को पकड़े।
  3. जल सदैव सिर के ऊपर से अर्पित करें। इससे सूर्य की किरणें व्यक्ति के शरीर पर पड़ती है। जिससे सूर्य के साथ नवग्रह भी मजबूत बनते हैं।
  4. जल अर्पित करने से पहले उसमें कई लोग गुड़ और चावल मिलाते हैं। ऐसा न करें। इसका कोई महत्व नहीं होता।
  5. सूर्य को जल अर्पित करते हुए उसमें पुष्प या अक्षत (चावल) जरूर रखें।जल में रोली या लाल चंदन और लाल पुष्प डाल सकते हैं।
  6. दोनों हाथों से सूर्य को जल देते हुए ये ध्यान रखें की उसमें सूर्य की किरणों की धार जरूर दिखाई दे।
  7. पूर्व दिशा की ओर ही मुख करके ही जल देना चाहिए।
  8. जल देते समय ध्यान रखना चाहिए कई लोगों का मानना है कि जल अर्पित करते समय पैर में जल की छीटें पड़ने से फल नहीं मिलता। लेकिन ऐसा नहीं होता है। ज्योतिषचार्यों के अनुसार जल का प्रभाव और सूर्य की किरणों का प्रभाव केवल आपके सिर से नाभि तक ही होता है। इसलिए इसका कोई असर नहीं होता है।
  9. यदि किसी दिन ऐसा हो कि सूर्य देव नजर ना आ रहे हों तो पूर्व दिशा की ओर मुख करके जल दे दें।

सूर्य देव आप सभी की कठिनाइयाँ दूर करे ।
॥ जय सूर्य देव ॥