जानिए क्यों भगवान शिव ने किया भगवान कृष्ण के मित्र सुदामा का वध…!!!

जानिए क्यों भगवान शिव ने करा सुदामा का वध…!!!

सुदामा को कृष्ण की दोस्ती की वजह से ही जाना जाता है।
सुदामा को कृष्ण की दोस्ती की वजह से ही जाना जाता है।

शास्त्रों में सुदामा को कृष्ण की दोस्ती की वजह से ही जाना जाता है। शास्त्रों में वर्णित है की भगवान शिव ने ही सुदामा का वध किया था ।आइये जानते है ऐसा क्यों हुआ। कथा के अनुसार स्वर्ग में पहुंचने के बाद में कृष्ण और सुदामा दोनों ही विराजा से प्यार करने लगे लेकिन विराजा कृष्ण से प्यार करती थी ।एक दिन वहां राधा जी प्रकट में और उन्होंने देखा कि कृष्ण और विराजा दोनों प्रेम में लीन है, इसलिए उन्होंने विराजा को श्राप दे दिया और पृथ्वी

पर पहुंचा दिया। इसके बाद किसी कारणवश उन्होंने सुदामा जी को भी श्राप दे दिया।

सुदामा की मृत्यु के बाद उनका जन्म राक्षस शंखचूण के रूप में हुआ और विराजा का जन्म धर्मराज के यहां तुलसी के रूप में हुआ। शंखचूण का विवाह मां तुलसी से हुआ ।शंखचूण को ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि उन्हें जब तक कोई नहीं मार सकता जब तक कि उनकी पत्नी यानी तुलसी मां पतिव्रता रहेंगी ।इसी बात का फायदा उठाते हुए शंखचूण तीनों लोगों का स्वामी बन गया और उसके अत्याचार बढ़ने लगे। इससे परेशान होकर सभी देवगढ़ शिव

जी के पास पहुंचे और भगवान शिव ने अपने दोनों पुत्र कार्तिकेय और गौरी पुत्र गणेश को युद्ध के लिए भेजा लेकिन शंखचूण के ऊपर भगवान ब्रह्मा का वरदान था इस वजह से उसे हराना बहुत ही कठिन पढ़ रहा था ।इसलिए भगवान विष्णु युद्ध के समय प्रकट हुए और शंखचूण का रूप धारण करके उनकी पत्नी तुलसी के पास पहुंचे और वहां जाकर तुलसी ने उन्हें पूर्ण आदर सत्कार के साथ खान पान कराया, इसी वजह से शंखचूण की पत्नी तुलसी का

पतिव्रता नष्ट हो गई । इस तरह भगवान शिव ने शंखचूण जोकि सुदामा का दूसरा जन्म था उसका अंत कर दिया ।

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