बस दिनभर मे सिर्फ एक शब्द !! और न शत्रु, न बीमारी, न दुख, न दरिद्रता !! चैन की जिंदगी गुजारोगे

बस दिनभर मे सिर्फ एक शब्द  !! और न शत्रु, न बीमारी, न दुख, न दरिद्रता !! चैन की जिंदगी गुजारोगे

आज इस पोस्ट में हम आपको एक ऐसा शब्द बताने जा रहे हैं जिसको अगर आपने तन मन से अपना लिया। अपने दिल में बसा लिया तो जिंदगी भर किसी टोटके किसी उपाय की जरूरत नहीं पड़ेगी। चमत्कारी शब्द है जिसको सब ने सुना तो होगा लेकिन कभी अमल नहीं किया होगा। छोटे से छोटे बच्चे और बड़े से बड़े बुजुर्ग सब ने सुना है। सब ने बोला है और सब जानते हैं ।लेकिन कोई इसका अमल नहीं करता ।कोई इसको अपनाता नहीं है। और जो कोई जिस किसी ने इसे अपनाया है आप उन सभी के मुंह से इसका महत्व उसके फायदे और इसके चमत्कारी प्रभाव सुन सकते हैं ,देख सकते हैं महसूस कर सकते हैं।

सुबह-सुबह यहां एक शब्द आपको बोलना है ।फिर देखिएगा धीरे-धीरे ना ही आपने कोई बीमारी रहेगी, ना ही आप का कोई शत्रु बनेगा ना ही आपके घर में दरिद्रता होगी। नहीं आपको कभी थकान होगी और ना ही कभी कोई दुख होगा।

यह तीन अक्षरों से बना शब्द जिसका नाम है यह चमत्कारी शब्द सभी ने सुना है। सभी बोलते हैं। लेकिन इसको इस्तेमाल कैसे करना है आज हम आपको बताते हैं।

सुबह उठकर स्नान आदि कर पद्मासन मुद्रा में बैठ कर दोनों हाथों को अपने घुटनों पर रखकर अपने हाथों से मुद्रा बनाकर 11,21 या 51 बार इस मंत्र का उच्चारण करें। यह जरुरी नहीं है कि आपको ऐसे जोर-जोर से बोलना है आप इसे धीरे भी बोल सकते हैं। तो आज ही इस मंत्र को अपनी जिंदगी में अपना और अपने जीवन की सभी परेशानियों से छुटकारा पाए।

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