क्या आप जानते है हिंदु धर्म मे स्त्रिया को साष्टांग दंडवत प्रणाम करना वर्जित है ?? जानिये क्यो ??

क्या आप जानते है स्त्रिया को साष्टांग दंडवत प्रणाम करना वर्जित है ?? जानिये क्यो ??

वैसे आजकल पैरों को हल्का सा स्पर्श कर लोगों को चरण स्पर्श की औपचारिकता पूरी कर लेते हैं । कभी कभी पैरों को स्पर्श किए बिना ही चरण स्पर्श पूरा कर लिया जाता है । मंदिर में जाकर भगवान की मूर्ति के सामने माथा टेकने में भी आजकल लोगों को कोताही बरतते है। यह तो सब मोर्डरन बाते है। लेकिन कभी आपने उन लोगों को देखा है जो जमीन पर पूरा लेट कर माथा टेकते हैं इसे साष्टांग दंडवत प्रणाम कहा जाता है।

यह एक आसान है जिसमें शरीर का हर भाग जमीन के साथ स्पर्श करता है बहुत से लोगों को यह आसन आउटडेटेड लग सकता है । लेकिन यह आसन इस बात का प्रतीक है कि व्यक्ति अपना अहंकार को छोड़ चुका है। इस आसन को करने पर ईश्वर को यह बताते हैं कि आप उसे मदद के लिए पुकार रहे हैं यह आसन आपको ईश्वर की शरण में ले जाता है।

इस तरह का आसान सामान्य तौर पर पुरुषों द्वारा ही किया जाता है क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार स्त्रियों को यह आसन करने की मनाही है जाना चाहते हैं क्यो?

हिंदू शास्त्रों के अनुसार स्त्री का गर्भ और उसके वक्ष कभी भी जमीन से स्पर्श नहीं होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि उसका गर्भ एक जीवन को सहेज कर रखता है और वक्ष इस जीवन का पोषण देते हैं। इसलिए यह आसन स्त्रियों को नहीं करना चाहिए।

85 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published.