कभी सोचा है अपने प्रभु श्री राम के दादा परदादा का नाम…!!आज जानिए..!!!

कभी सोचा है अपने प्रभु श्री राम के दादा परदादा का नाम…!!आज जानिए..!!!

कभी सोचा है की प्रभु श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था।आइये आज हम आपको बता रहे है, और आपको पता होना भी चाहिए। ये पढ़ना आपके लिए बहुत रामांचक होगा।

१ ब्रम्हा जी से मरीचि हुए।

२ मरीचि के पुत्र कश्यप हुए।

३ विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए, वैवस्वत मनु के समय जल

प्रलय हुआ था।

४ कश्यप के पुत्र विवस्वान थे।

५ वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु ने

अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु

कुलकी स्थापना की ।

६ इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए।

७ कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था।

८ विकुक्षि के पुत्र बाण हुए।

९ बाण के पुत्र अनरण्य हुए।

१० अनरण्य से पृथु हुए।

११ पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ।

१२ त्रिशंकु के पुत्र धुन्धुमार हुए।

१३ धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था।

१४ युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए।

१५ मान्धाता से सुसिन्ध का जन्म हुआ ।

१६ सुसिन्ध के दो पुत्र हुए – ध्रुवसन्धि एवम प्रसेनजित।

१७ ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए ।

१८ भरत के पुत्र असित हुए ।

१९ असित के पुत्र सागर हुए।

२० असत के पुत्र का नाम असमंजस था।

२१ असमंजस के पुत्र का नाम अंशुमान था।

२२ अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए।

२३ दिलीप के पुत्र भागीरथ हुए, भागीरथ जो गंगा को धरती पर

लाए ।

२४ भागीरथ के पुत्र कुकुस्थ्य हुए।

२५ कुकुस्थ्य के पुत्र का नाम रघु था।

२६ रघु के पुत्र प्रवध हुए।

२७ प्रवध के पुत्र शंखड़ हुए।

२८ शंखड़ के पुत्र का नाम सुदर्शन था।

२९ सुदर्शन के पुत्र अग्निवर्ण हुए।

३० अग्निवर्ण के पुत्र श्रीघग्र हुए।

३१ श्रीघग्र के पुत्र मरू हुए।

३२ मरू के पुत्र प्रशुषुक हुए।

३३ प्रशुषुक के पुत्र का नाम अम्बरीष था।

३४ अम्बरीष के पुत्र नहुष हुए।

३५ नहुष के पुत्र ययाति हुए।

३६ ययाति के पुत्र नभग हुए।

३७ नभग के पुत्र अज हुए।

३८ अज के पुत्र दशरथ हुए।

३९ दशरथ के पुत्र राम,लक्ष्मण,भारत,शत्रुघ्न हुए।

 

॥ जय श्री राम ॥