श्री राम का अश्वमेघ यज्ञ का घोडा था पूर्व जन्म में ब्राह्मण; पढ़े पूरी कहानी..!!!

श्री राम का अश्वमेघ यज्ञ का घोडा था पूर्व जन्म में ब्राह्मण; पढ़े पूरी कहानी..!!!

अश्वमेघ यज्ञ का घोडा
अश्वमेघ यज्ञ का घोडा

प्रभु श्री राम को चक्रवर्ती सम्राट बनाने के लिए उनके छोटे भाई लक्ष्मण ने उन्हें अश्वमेध यज्ञ करने की सलाह दी । श्री राम अपने छोटे भाई का कहा ठुकरा ना सके और यज्ञ के लिए हाँ कर दी । श्री राम ने अपनी अर्धांगिनी सीता के साथ मिल कर यज्ञ करा था ।

यज्ञ समाप्त होने पर दोनों ने घोड़े को स्पर्श किया जिससे घोडा अपने वास्तविक रूप में आ गया । तब श्री राम ने पुछा की आप कौन हैं, इसपर उसने

उत्तर दिया की पूर्व जन्म में मैं एक ब्राम्हण था ।एक दिन की बात है मैं सरयू के तट पर स्नान करके पूजा कर रहा था तभी मुझे महसूस हुआ की लोग मेरी ओर ध्यान दे रहे हैं । मेरे मन में लालच आ गया और मैंने उन्हें ठग लिया ।ठीक उसी समय महर्षि दुर्वाषा भी वहाँ आये हुए थे  और जैसा की सभी जानते हैं की उनका स्वभाव थोडा उग्र है मेरे दंभ की सच्चाई उन्हें पता थी और साथ ही मैंने उठ कर उनका अभिनन्दन भी नहीं किया था । उन्होंने मुझे श्राप दे दिया की तू मनुष्य हो कर भी जानवरों सा व्यवहार कर रहा है ।अतः तू अगले जन्म में जानवर बनेगा| जब मुझे अपनी भूल का एहसास हुआ तो

मैंने उनके चरणों को पकड़ लिया और क्षमा मांगने लगा मेरी विनती सुनकर उन्होंने कहा की अगले जन्म में तुम अश्व बनोगे और प्रभु राम और देवी सीता के स्पर्श से तुम वापस अपने रूप में आ जाओगे ।

॥ जय श्री राम ॥

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