जाने… क्या सच मे भगवान श्री कृष्ण एक बार फिर धरती पर जन्म लेने जा रहे है.. ?? क्या है शास्त्रो मे इसका प्रमाण?

कल्कि नामक महापुराण के अनुसार भगवन श्री कृष्ण के जन्म के समान ही भगवान कल्कि इस संसार में जन्म लेंगे। उनका जन्म शम्भल ग्राम में होगा। और उसके चार हाथ होंगे, ब्रह्माजी ने वायु देव द्वारा कल्कि भगवान को यह संदेश भेजा है कि उन्हें मनुष्य रूप में धरती पर रहना है।
और यह संदेश पाकर कल्कि भगवान मनुष्य रूप में धरती पर जन्म लेंगे ! इसप्रकार की लीला को जब उनके माता-पिता देखेंगे तो वह चकित हो जाएंगे। उन्हें यह भ्रम स्वरूप लगेगा उन्होंने अपने पुत्र को चार भुजाओ में देखा था। जिस दिन शम्भल ग्राम में भगवन जन्म लेंगे, उसी समय से वहां चारो तरफ सुख का माहोल होगा ।

भगवान का यह अवतार ‘निष्कलंक के नाम के रूप में भी जाना जाएगा। श्रीमद्भागवतमहापुराण में विष्णु भगवन के अवतारों की कथाओ का वर्णन मिलता है। और उसमे यह कथा विस्तार से दी गई है और उसमे कहा गया है कि ‘सम्भल ग्राम में विष्णुयश ब्राह्मण के पुत्र के रूप में भगवान का जन्म होगा। वह देवदत्त नामक घोड़े पर सवार होकर दुष्टों का नाश करेंगे तभी सतयुग का प्रारम्भ होगा।

इनके जन्म के समय भगवान कल्कि के शिशु रूप के दर्शन के लिए परशुराम, कृपाचार्य, वेदव्यास और द्रोणाचार्य जी के पुत्र अश्वत्थामा भिक्षुक का वेश धारण कर आएंगे। कल्कि के तीन भाई होंगे। वह कल्कि से बड़े होंगे उनके नाम कवि, प्राज्ञ और सुमन्त्रक होंगे। कल्कि भगवन की शिक्षा घर पर उनके पिता द्वारा होगी। गुरुकुल की पढाई के लिए वह परशुराम के आश्रम में जाएंगे।