जानिए किसने दी श्री कृष्ण को उनकी बांसुरी…!!!

जानिए किसने दी श्री कृष्ण को उनकी बांसुरी…!!!

श्री कृष्ण की बांसुरी

बांसुरी श्री कृष्ण के अंतरंग थी और वो उसे कभी अपने से अलग नहीं करते थे।श्री कृष्ण को उनकी प्यारी बांसुरी किसने दी इसके पीछे भी पुराणिक कथा है ।द्वापरयुग के समय जब भगवान श्री कृष्ण ने धरती में जन्म लिया तब देवी-देवता वेश बदलकर समय-समय पर उनसे मिलने धरती पर आने लगे। इस दौड़ में भगवान शिवजी कहां पीछे रहने वाले थे, अपने प्रिय भगवान से मिलने की इच्छा हुई इसलिए अपने भगवन से मिलने के लिए वह भी धरती पर आने के लिए उत्सुक हुए।

परन्तु वह यह सोच कर कुछ क्षण के लिए रुके की यदि वे श्री कृष्ण से मिलने जा रहे तो खली हाथ जाना अच्छा नहीं लगेगा मुझे उन्हें कुछ उपहार देना चाहिए। अब वे यह सोच कर परेशान होने लगे कि ऐसा कौन सा उपहार ले जाना चाहिए जो जो भगवान श्री कृष्ण को प्रिय भी लगे और वह हमेशा उनके साथ रहे।

तभी महादेव को याद आया कि उनके पास ऋषि दधीचि की महाशक्तिशाली हड्डी रखी हुई है। ऋषि दधीचि वही महान ऋषि है जिन्होंने धर्म के लिए अपने शरीर को त्याग दिया था व अपनी शक्तिशाली शरीर की सभी हड्डियां दान कर दी थी। उन हड्डियों की सहायता से विश्कर्मा ने तीन धनुष पिनाक, गाण्डीव, शारंग तथा इंद्र के लिए व्रज का निर्माण किया था। महादेव शिवजी ने उस हड्डी को घिसकर एक सुन्दर एवं मनोहर बांसुरी का निर्माण किया। जब शिवजी भगवान श्री कृष्ण से मिलने गोकुल पंहुचे तो उन्होंने श्री कृष्ण को भेट स्वरूप वह बंसी प्रदान की और उन्हें आशीर्वाद दिया। तभी से भगवान श्री कृष्ण भगवन शिव के प्रसाद स्वरुप उस बांसुरी को अपने पास रखते हैं।

॥ जय श्री कृष्ण ॥