जानिये इस श्राप की वजह से भगवान ब्रह्मा का बना सिर्फ एक ही मंदिर

इस श्राप की वजह से भगवान ब्रह्मा का बना सिर्फ एक ही मंदिर !

भगवान ब्रह्मा को इस संसार का रचेयता कहा जाता है लेकिन फिर भी भारत में उनका सिर्फ एक ही मंदिर है। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रह्मा जी की पत्नी सावित्री ने उन्हें श्राप दिया था। यही कारण है कि ब्रह्मा जी का देश में एक ही मंदिर है जो कि राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ पुष्कर में स्थित है। सावित्री ने अपने पति ब्रह्मा को ऐसा श्राप क्यों दिया था इसका वर्णन पद्म पुराण में मिलता है।

ब्रम्हा जी
ब्रम्हा जी

ब्रह्मा जी को क्यों दिया गया श्राप

हिन्दू धर्मग्रन्थ पद्म पुराण के अनुसार धरती पर वज्रनाश नामक राक्षस ने उत्पात मचा रखा था। उसके बढ़ते अत्याचारों से तंग आकर ब्रह्मा जी ने उसका वध कर दिया। लेकिन वध करते समय उनके हाथों से तीन जगहों पर कमल का पुष्प गिरा, इन तीनों जगहों पर तीन झीलें बन गई। इस घटना के बाद इस स्थान का नाम पुष्कर पड़ गया औऱ ब्रह्मा ने संसार की भलाई के लिए यहां एक यज्ञ करने का फैसला किया। ब्रह्मा जी यज्ञ करने के लिए पुष्कर पहुंच गए लेकिन उनकी पत्नी सावित्री जी समय पर नहीं पहुंच सकीं। यज्ञ को पूर्ण करने के लिए उनके साथ उनकी पत्नी का होना जरूरी था, लेकिन सावित्री जी के नहीं पहुंचने की वजह से ब्रह्मा जी ने गुर्जर समुदाय की एक कन्या ‘गायत्री’ से विवाह कर इस यज्ञ को शुरू किया। उसी दौरान देवी सावित्री वहां पहुंची और ब्रह्मा के बगल में दूसरी कन्या को बैठा देख क्रोधित हो गईं।

 

ब्रह्मा जी मंदिर पुष्कर
जगत्-पिता ब्रह्मा मंदिर  पुष्कर

उन्होंने ब्रह्मा जी को श्राप दिया कि देवता होने के बावजूद कभी भी उनकी पूजा नहीं होगी। सभी ने सावित्री जी से विनती की कि अपना श्राप वापस ले लीजिए, लेकिन उन्होंनेराज किसा की न सुनी। जब गुस्सा शांत  हुआ तो सावित्री ने कहा कि इस धरती पर सिर्फ पुष्कर में ही आपकी पूजा होगी। कोई भी आपका मंदिर बनाएगा तो उसका विनाश हो जाएगा। इस कारनवश संसार के रचेयता का भारत मे सिर्फ एक ही प्रसिध मंदिर राजस्थान के पुष्कर शहर मे है।

ब्रह्मा जी मंदिर पुष्कर
जगत्-पिता ब्रह्मा मंदिर पुष्कर

कोई नहीं जानता कब बना यह मंदिर

ब्रह्मा जी के मंदिर का निर्माण कब हुआ व किसने किया इसका कोई उल्लेख नहीं है। लेकिन ऐसा कहा जाता हैं की आज से तकरीबन दो हजार साल पहले अरण्व वंश के एक शासक को एक स्वप्न आया था कि इस जगह पर एक मंदिर है जिसके सही रख-रखाव की जरूरत है। तब उस राजा ने इस मंदिर के पुराने ढांचे को दोबारा  बनाया गया।

पुष्कर की प्रसिध झिल
पुष्कर की प्रसिध झिल

यह मंदिर लाल पत्थरों से बनाया गया है।  इन लाल पत्थरों पर अध्बुध कलाकारी की गयी है मँदिर का कुछ हिस्सा संगमरमर के पत्थरों से भी बनाया गया है।  पुष्कर में भारत का सबसे प्रसिध मेला लगता है जो पुरे भारत मे ‘पुष्कर मेला’ क़े नाम से जाना जाता है। इस समय मन्दिर मे भारत क़े कोने कोने से भक्त आते है और मन्दिर आकर दर्शन का लाभ लेते है।

पुष्कर मेला’
पुष्कर मेला