जानिए शिवरात्री पर किस देवी के साथ कर सकती है कुवारी कन्या शिव जी की पूजा

शिवरात्री पर किस देवी के साथ कर सकती है कुवारी कन्या शिव जी की पूजा

कहते है की शिवलिंग की पूजा से हर मनोकामना पूर्ण  हो जाती है पर क्या आप जानते है की शिवलिंग को योनि के साथ ही पूजा जाता है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि शिवलिंग की पूजा सिर्फ पुरुष ही कर सकते हैं और कुवारी लड़कियां नहीं पुराणों में बताया गया हैं कि अविवाहित कन्या को शिवलिंग के पास इसलिए नहीं आना चाहिए क्योंकि शिव सबसे पवित्र और हर वक्त तपस्या में लीन रहते थे  भगवान शिव के ध्यान के दौरान यह सावधानी रखी जाती थी कि कोई भी देवी या अप्सराएं भगवान के ध्यान में अड़चन ना डालें

शिव पार्वती

पुराणों में बताया गया हैं कि अविवाहित कन्या को शिवलिंग के पास इसलिए नहीं आना चाहिए क्योंकि शिव सबसे पवित्र और हर वक्त तपस्या में लीन रहते थे  भगवान शिव के ध्यान के दौरान यह सावधानी रखी जाती थी कि कोई भी देवी या अप्सराएं भगवान के ध्यान में अड़चन ना डालें  शिव मंदिरों में ध्यान और पूजा की जाती है इसलिए यह जगह बहुत पवित्र और आध्यात्मिक मानी जाती है. इसलिए इस जगह पर अकेली कन्याओ का आना मना होता है

यह माना जाता है कि अनजाने में भी कई गलती बहुत बड़े विनाश का कारण बन सकती है. इसलिए पुरानी मानयताओं के अनुसार कुवारी कन्या  का शिवलिंग के पास आना माना है  पुराणों में कहा गया है की कुवारी कन्या  शिवरात्रि के दिन शिव और माता पार्वती का साथ में पूजन कर सकती है  इस दिन जो भी कुवारी कन्या  शिव और माता पार्वती का पूजन करती है उस कन्या  के विवाह के योग बन जाते है अतः उसका विवाह जल्द हो जाता है

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