इस सावन जानिए..!!शिव पुजा में हल्दी क्यों है वर्जित..!!!

इस सावन जानिए..!!शिव पुजा में हल्दी क्यों है वर्जित..!!!

शिव पुजा में हल्दी क्यों है वर्जित
शिव पुजा में हल्दी क्यों है वर्जित

शिव तो देवों के देव महादेव है कहते हैं कि शिव आदि और अनंत हैं।शिव ही एक मात्र ऐसे देवता हैं जिनकी लिंग रूप में भी पूजा जाता है।शिवजी को खुश करने के लिए उन्हें अनेक ऐसी चीजें पूजा में अर्पित की जाती हैं जो और किसी देवता को नहीं चढ़ाई जाती, जैसे आंक, बिल्वपत्र, भांग आदि। शिवपूजा के दौरान कुछ सावधानियां भी बरतनी चाहिए और अगर सावन का महीना चल रहा हो उस दौरान तो शिव पूजा और भी ध्यान से करनी चाहिए ।इसलिए

शास्त्रों के अनुसार, कुछ चीज़ें है जिनका शिव पूजा में कभी भी उपयोग नहीं करनी चाहिए,इसमें पहले नंबर पर आती है हल्दी।

वैसे तो धार्मिक कार्यों में हल्दी का महत्वपूर्ण स्थान है और कई पूजन कार्य हल्दी के बिना पूर्ण नहीं माने जाते।लेकिन हल्दी, शिवजी के अलावा सभी देवी-देवताओं को अर्पित की जाती है।हल्दी का वर्जित होने का कारण है,हल्दी का स्त्री सौंदर्य प्रसाधन में मुख्य रूप से उपयोग किया जाता है।शास्त्रों के

अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है, इसी वजह से महादेव को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है।

शिवलिंग पर तो हल्दी नहीं चढ़ाना चाहिए परंतु जलाधारी पर चढ़ाई जा सकती है और चढ़ानी भी चाहिए,क्योंकि शिवलिंग दो भागों से मिलकर बनी होती है,एक भाग शिवजी का प्रतीक है और दूसरा हिस्सा माता पार्वती का।शिवलिंग चूंकि पुरुषत्व का प्रतिनिधित्व करता है अत: इस पर हल्दी नहीं

चढ़ाई जाती है। हल्दी स्त्री सौंदर्य प्रसाधन की सामग्री है और जलाधारी मां पार्वती से संबंधित है अत: जलाधारी पर हल्दी चढ़ाई जाती है ।

 

॥ जय महाकाल ॥

28 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published.