जानिए..!!अलग-अलग धाराओं से शिव के अभिषेक का फल..!!!!

जानिए..!!अलग-अलग धाराओं से शिव के अभिषेक का फल..!!!!

शास्त्रों में मनोरथ पूर्ति व संकट की मुक्ति के लिए अलग अलग तरह की धाराओं से शिव का अभिषेक करना शुभ बताया गया है।आइये पढ़ते है अलग-अलग धाराओं से शिव अभिषेक का फल ।

जब किसी का मन बेचैन हो निराशा से भरा हो, परिवार में कलह हो रहा हो, अनचाहे दुख और कष्ट मिल रहे हो तब शिवलिंग पर दूध की धारा चढ़ाने सबसे अच्छा उपाय है।पूजन में इन बातों का ध्यान रखें : सावन के महीने में शिवलिंग की पूजा करें शिवलिंग जहां

स्थापित हो पूर्व दिशा की ओर मुख करके नहीं बैठे।शिवलिंग के दक्षिण दिशा में ही बैठ कर पूजन करें।याद रखिये शिव मंत्रों का उच्चारण करते रहना चाहिए।

वंश की वृद्धि के लिए शिवलिंग पर शिव सहस्त्रनाम बोलकर घी की धारा अर्पित करें।

शिव पर जलधारा से अभिषेक मन की शांति के लिए श्रेष्ठ मानी गई है।

भौतिक सुखों को पाने के लिए इत्र की धारा से शिवलिंग का अभिषेक करें।

बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए शहद की धारा से शिव पूजा करें।

गन्ने के रस की धारा से अभिषेक करने पर हर सुख और आनंद मिलता है।

सभी धाराओं से श्रेष्ठ है गंगाजल की धारा शिव को गंगाधर कहा जाता है शिव को गंगा की धार बहुत प्रिय है। गंगाजल से शिव अभिषेक करने पर चारों

पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है  ।

अभिषेक करते समय महामृत्युंजय मंत्र जरूर बोलना चाहिए।

 

भगवान शिव आपके ऊपर कृपा बरसायें ।

॥ जय महाकाल ॥