शिव का शक्तिशाली मन्त्र, जपने मात्र से होगा कल्याण..!!! शिवभक्त ज़रूर जपे..!!

श्मशान की महानिली की जड़ की बत्ती से ( कूटकर रुई में मिलाकर ) चमेली के तेल में मिलाकर काजल बनाये तथा इसे अपने आखो में लगाए। इस काजल से अनजाने में जिसकी भी आँखे मिलती है वह वशीभूत हो जाता है।
चिता भष्म के साथ विदारी कन्द, वट की जदा, मदार का दूध- तीन घंटे तक खरल में घोंटे। इसका तिलक लगाए, इस दौरान तिलक लगाने वाले साधक की नजर जिससे मिलती है वह वशीभूत हो जाता है।


पुष्य नक्षत्र के समय पुननरवा की जड़ तथा रूद्र दंती लाकर जो के साथ हाथ में बढ़ने से व्यक्ति व्यक्ति जहा जाता है, उसे आदर मिलता है।
हवा में उड़कर आया पत्ता, अर्जुन की छाल, मर्दिन, तगर को समान मात्रा में मर्दन करके भोजन अथवा पेय के माध्यम से उस व्यक्ति को दे जिसे आप वशीभूत करना चाहते है उसे दे। व्यक्ति शीघ्र ही वशीभूत होगा।

शिव वशीकरण मंत्र
निचे हम आपको शिव का विशेष वशीकरण मंतरा बताने जा रहे है। किसी भी सोमवार से पूर्व दिशा में मुख करके मन्त्र का 1 माला जाप रुद्राक्ष की माला से 21 दिनों तक करे। यह मन्त्र आप ब्रह्ममुहूर्त के समय करे। मंत्र के जाप से पूर्व भगवान गणेश तथा अपने गुरु का स्मरण अवश्य करे. इसके साथ यदि हो सकते तो ॐ नमः शिवाय का जाप भी अवश्य करे तथा शिवलिंग का भी पूजन करे।

ॐ नमो आदेश गुरु को,यतिनाथ अर्बुदाचल पर्वत पर रहेने वाले,पुरब से आवो पच्छिम से आवो उत्तर से आवो दक्षिण से आवो,आवो बाबा यतिनाथ मेरा कारज सिद्ध करो,दुहाई ।।

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