यदि करना है भगवान शिव कि प्रसन्न तो आने वाले श्रावन मास मे भुलकर भी ना करे यह 7 कार्य !!

यदि करना है भगवान शिव कि प्रसन्न तो आने वाले श्रावन मास मे भुलकर भी ना करे यह 7 कार्य !!

सावन का महीना आते ही वातावरण में एक अलग से बदलाव आ जाते हैं। हर तरफ बम बम भोले हर हर महादेव की पुकार सुनाई देने लगी क्योंकि यह भगवान शिव की भक्ति का महीना है। जैसा कि आप सब जानते हैं कि सावन का महीना बस कुछ ही दिनों में आने वाला है। सावन के महीने को सावन का महीना भी कहा जाता है इस महीने में भगवान शिव की पूजा उत्तम मानी गई है। इस माह की पूजा मोक्षदायिनी मानी गई है सावन के महीने में जो भी भक्त भगवान शिव की सच्ची श्रद्धा से भक्ति करता है महादेव शिव उसकी सभी परेशानियों को दूर कर देते हैं उसके कार्यों में आ रही मुश्किलों को दूर कर देते हैं तथा देवी देवताओं की कृपा भी प्राप्त करवाते हैं।

सावन के महीने में भगवान शिव के भक्तों की हर शिव मंदिर में भीड़ लगी रहती है। भगवान शिव का स्वभाव ऐसा है कि वह शीघ्र ही अपने भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं परंतु यदि उनका किसी भी तरह से अनादर किया जाए तो उनका क्रोध बहुत ही भयानक होता है ।
आज हम आपको शास्त्रों के अनुसार बताए गए हैं ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिंहें भूल से भी सावन माह में ना करें अंयथा भगवान शिव की कृपा आप को प्राप्त नहीं हो पाएगी तथा आपकी समस्या बनी रहेगी।

1 शिवजी की पूजा करते समय ध्यान रखें कि शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए ।हल्दी जलधारी पर चढ़ाने चाहिए हल्दी देवियों पर चढ़ाई जाती है जबकि भगवान शिव पुरुष तत्व है। यही कारण है कि शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ती हल्दी जल धारी पर चढ़ाना चाहिए क्योंकि वह माता पार्वती का प्रतीक है।

2 सावन के महीने में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। ये बात बताने के लिए सावन के महीने में भगवान शिव पर दूध चढ़ाने की प्रथा आरंभ हुई थी। वैज्ञानिकों के अनुसार सावन के महीने में दूध वात बढ़ने का काम करता है। अगर दूध का सेवन करना हो तो दूध को खूब उबालकर ही प्रयोग में लाए कच्चे दूध का सेवन ना करें दूध के सेवन से उत्तम है उसे दही के रूप में परिवर्तित कर सेवन करें।

3 सावन में बैंगन का खाना भी वर्जित माना गया है सावन के महीनें मैं साग के बाद बैंगन भी ऐसी सब्जी है जिसे खाना वर्जित माना गया है ।इसका धार्मिक कारण यह है कि बैंगन को शास्त्रों में अशुद्ध कहा गया है। यही वजह है कि कार्तिक महीने में भी कार्तिक मास का व्रत रखने वाले व्यक्ति बैंगन नहीं खाते।

4 सावन के महीने में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपसे कहीं बुजुर्ग माता-पिता, गुरु, भाई, पति अथवा पत्नी, मित्र व ज्ञानी लोगों का अपमान ना हो जाए । सावन मास में इन बातों का पालन अवश्य होना चाहिए। अन्यथा भगवान शिव की कृपा प्राप्त नहीं होती है ।शिव जी ऐसे लोगों से प्रर्सन्न नहीं होते जो इन लोगों का अपमान करते हैं। यह सभी लोग हर स्थिति में सम्मान के पात्र हैं हमें हमेशा इनका सम्मान करना चाहिये।

5 सावन का दूसरा मतलब सात्विकता का पालन करना क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इसमें भगवान शिव और विष्णु के कार्यों का संचालन भी स्वयं करते हैं ।इसलिए सावन के महीने में मांस मदिरा के सेवन से दूर रहना चाहिए। ऐसा करने से मन शांत रहता है तथा क्रोध एवं काम की भावना को नियंत्रण में रखने की सहायता मिलती है।

6 सावन के महीने में यदि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना हो तो सुबह जल्दी उठकर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। यदि आप देर तक सोते रहेंगे तो आदत से बढ़ेगा श्रवण का वातावरण उत्तम होता है ।अतः इस समय भगवान शिव की पूजा करने के बाद भ्रमण के लिए जाए यह स्वास्थ्य के लिए उत्तम रहता है।

7 अधिकतर परिवारों में पति-पत्नी की बीच वाद-विवाद छोटी-छोटी लड़ाईयां होती रहती है। यह आम बात है लेकिन जब छोटी-छोटी बातें बढ़ जाती है तो पूरा घर और शांत हो जाता है। सावन माह में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर में क्लेश ना हो।

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