शनिवार के दिन जूते चोरी होना होता है शुभ…!!जानिए कैसे…!!!

शनिवार के दिन जूते चोरी होना होता है शुभ…!!जानिए कैसे…!!!

शनिवार के दिन जूते चोरी होना होता है शुभ
शनिवार के दिन जूते चोरी होना होता है शुभ

जब हम मंदिर जाते है और अगर हमारे जूते या चप्पल चोरी हो जाए तो हमे बड़ा गुस्सा आता है,लेकिन क्या आप जानते है जूते चोरी होना होता है शुभ और अगर शनिवार के दिन हुई है चोरी तो समझिये सोने पर सुहागा वाली बात है।शनिवार को आपके जूते चोरी हो जाएं या गुम हो जाएं तो समझे आपके अच्छे दिन आने वाले हैं और आप पर मंडरा रहे संकटों का सफाया हो गया है। शनिदेव आप पर विशेष कृपा करेंगे और सभी दोषों में राहत प्राप्त होगी।अपने जीवनकाल में हर किसी के साथ कम से कम एक बार तो ये घटना घटी होगी,क्योंकि मंदिर में जूते-चप्पल चोरी हो जाना कोई नई बात नहीं है। बल्कि कई धार्मिक स्थलों पर आए हुए भक्तों के साथ ऐसा हो जाता है।प्राचीन मान्यताओं की बात करें तो इसके पीछे का कारण कुछ अच्छा ही है। यूं तो किसी भी प्रकार की चोरी को अशुभ माना जाता है, लेकिन एक पुरानी मान्यता है कि जूते-चप्पल चोरी होना शुभ है।

काफी लोग जो पुरानी मान्यताओं को जानते हैं, वे अपनी इच्छा से ही दान के रूप में मंदिरों के बाहर जूते-चप्पल छोड़ आते हैं। इससे पुण्य बढ़ता है।दरअसल ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ऐसा कहा जाता है कि इंसान के पैरों में शनि का वास होता है।आपको बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में शनि को क्रूर और कठोर ग्रह माना गया है। शनि जब किसी व्यक्ति को विपरीत फल देता है तो उससे कड़ी मेहनत करवाता है और नाम मात्र का प्रतिफल प्रदान करता है।यदि आप शनि से होने वाले प्रभावों से पहले से ही परिचित हैं तो शायद जानते होंगे कि जिन लोगों की राशि पर साढ़ेसाती या ढैय्या चली रही होती है या कुंडली में शनि शुभ स्थान पर न हो तो उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।शनि का वास पैरों में माना गया है। पैर के साथ त्वचा से संबंधित चीजें भी शनि से प्रभावी होती है। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि पैर और त्वचा, दोनों से निमित्त दान किया जाए तो शनि देव प्रसन्न होते हैं और शुभ फल प्रदान करते हैं। तो यदि कोई जातक शनि देव की क्रूर दृष्टि से ग्रस्त है तो उसे जूते-चप्पल दान करना चाहिए। खासतौर से शनिवार के दिन ऐसा दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

शनिदेव को खुश करने का एक सरल उपाय है शनिवार को शनिदेव के मंदिर में जूते छोड़ आना। मान्यता है की शनिवार को जब आप शनिदेव के मंदिर में प्रणाम करने जाएं तो चमड़े के काले रंग के जूते पहन कर जाएं और वापसी पर नंगे पांव घर आएं। जिन लोगों की राशि पर साढ़ेसाती या ढैया चल रही हो या राशि में शनि अच्छे स्थान पर न हो उन लोगों पर जल्द ही शनिदेव की कृपा होगी।

शनि देव सभी पर अपनी कृपा बनाये रखें।
॥ जय शनि देव ॥