आज जानिये की पत्नी ने दिया ऐसा कौन सा श्राप की हमेशा के लिए झुक गया शनिदेव का सिर !!

पत्नी ने दिया ऐसा श्राप की हमेशा के लिए झुक गया शनिदेव का सिर !!

आकाश में ग्रह नक्षत्रों की चाल बदलते ही किस्मत बदल जाती है। यह सब नौ ग्रहों के 12 राशियों में संचरण से होता है। इन्ही नौ ग्रहों में से एक है शनि देव। शनि देव सदैव से जिज्ञासा का केंद्र रहे हैं। पौपौराणिक कथाओं के अनुसार शनिदेव कश्यप वंश की परंपरा में भगवान सूर्य की पत्नी छाया के पुत्र हैं। शनिदेव को सूर्य पुत्र के साथ साथ पितृ शत्रु भी कहा जाता है।

शनिदेव के भाई-बहन मृत्यु देव यमराज, पवित्र नदी यमुना व क्रूर स्वभाव की भद्रा हैं। शनि ग्रह एक-एक राशि में तीस-तीस महीने तक रहते हैं। अब हम आपको ये बताने जा रहे हैं कि शनि की दृष्टि में जो क्रूरता है वो किसके कारण है तो बता दें कि शनि देव को उनकी पत्नी ने श्राप दे दिया था।

बताया जाता है कि बचपन से ही शनि देव श्री कृष्‍ण की पूजा करते थे फिर बड़े होने पर उनके पिता ने चित्ररथ की बड़ी पुत्री से इनका विवाह कर दिया। इनकी पत्नी सती-साध्वी और परम तेजस्विनी थी। दरअसल हुआ यूं कि एक रात उनकी पत्‍नी पुत्र प्राप्ति के लिए एक रात उनके पास गई लेकिन वो श्रीकृष्ण के ध्यान में मग्न थें। लेकिन पत्नी प्रतीक्षा करके थक गई और उनका ऋतुकाल निष्फल हो गया। इस बात से वो क्रोधित होकर उन्‍होंने शनिदेव को श्राप  दे दिया और कहा कि आज से जिसे तुम देख लोगे, वह नष्ट हो जाएगा।

तभी शनि देव का ध्‍यान टूट गया उसके बाद उन्‍होंने अपनी पत्नी को मनाया फिर उनकी पत्नी को भी अपनी भूल पर पश्चाताप हुआ किंतु शाप के प्रतिकार की शक्ति उसमें न थी। तभी से शनि देवता अपना सिर नीचा करके रहने लगे क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि इनके द्वारा किसी का अनिष्ट हो।

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