जानिए शनि देव पर तेल चढ़ाने से जुड़ी वैज्ञानिक मान्यता…!!!

जानिए शनि देव पर तेल चढ़ाने से जुड़े वैज्ञानिक तथ्य…!!!

शनि देव

आज शनिवार है, शनि देव का वार। जैसा की आप सभी जानते ही है शनिवार के दिन शनि देव को तेल चढ़ाने का महत्व होता है। तेल चढ़ाने के पीछे पुराणों में वर्णन है एवं कथाये भी है, जबकि इस परंपरा के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व की कई बातें छिपी हुई हैं, जिन्हें काफी कम लोग जानते हैं।  आज हम आपको बता रहे है तेल चढ़ाने के पीछे वैज्ञानिक तथ्य। आखिर वो क्या कारण हो सकता है जिसके कारण विज्ञानं भी हमे तेल चढ़ाने की अनुमति देता है।शास्त्रो के अनुसार हमारे शरीर के सभी अंगों में अलग-अलग ग्रहों का वास होता है। यानी अलग-अलग अंगों के कारक ग्रह अलग-अलग हैं। शनिदेव त्वचा, दांत, कान, हड्डियां और घुटनों के कारक ग्रह हैं। यदि कुंडली में शनि अशुभ हो तो इन अंगों से संबंधित परेशानियां व्यक्ति को झेलना पड़ती हैं। इन अंगों की विशेष देखभाल के लिए हर शनिवार तेल मालिश की जानी चाहिए।शनि को तेल अर्पित करने का यही अर्थ है कि हम शनि से संबंधित शरीर के अंगों पर भी तेल लगाएं, ताकि इन अंगों को पीड़ाओं से बचाया जा सके। मालिश करने के लिए सरसो के तेल का उपयोग करना श्रेष्ठ रहता है।

ऎसा करने पर शनि के दोषों से मुक्ति मिलती है।हमारे दर्द से भी हमे छुटकारा मिलता है।

शनि देव आप  सभी के कष्टो को दूर करे।
।।जय शनि देव ।।

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