अगर आपमें भी हैं ये लक्षण तो समझें शनिदेव की कृपा है आप पर, मिलेगी बड़ी सफलता !!

अगर आपमें भी हैं ये लक्षण तो समझें शनिदेव की कृपा है आप पर, मिलेगी बड़ी सफलता !!

शनि की ढैया और साढ़ेसाती लोगों के दिलों में डर और भविष्य के लिए आशंका पैदा करते है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दुनिया में कुछ व्यक्तियों का जीवन पर प्रभावित रहते हैं। ऐसा व्यक्ति कुछ विशेष परिस्थितियों के साथ अन्य लोगों से अधिक चुनौतीपूर्ण जीवन जीता है लेकिन जुझारू जीवन जीने के बावजूद यह समाज में विशिष्ट स्थान प्राप्त करते हैं।

ज्योतिष शास्त्र में ऐसे लोगों को वास्तव में शनि देव का कृपा प्राप्त माना गया है। उनके जीवन में कठिनाइयां बहुत होती है। लेकिन अतः यह हमेशा सफल होते हैं लेकिन कैसे पता करे की आप पर शनि देव की कृपा है। या अशुभ शनि का प्रभाव तो आईए जानते हैं किन लक्षणों से पता कर सकते हैं कि आप पर शनि का शुभ प्रभाव है या अशुभ प्रभाव।

1 जब व्यक्ति पर शनि का अशुभ प्रभाव होता है तो हड्डियों से जुड़ी शारीरिक परेशानियां होने लगती है। खासकर पैरों में ऐसी परेशानियां जुड़ने चलने में मुश्किल पैदा करती है पैरों में मोच आना तेरी हड्डी में क्रेक आना कमर में दर्द मसलकर एक जैसी परेशानियां होती रहती है।

2 जिस भी व्यक्ति पर शनि की कृपा होती है वह शायद ही कभी किसी की मदद से आगे बढ़ता है वह या तो बहुत गरीब होकर अभावों में पलता है या सच में होने के बावजूद किसी की मदद लेना पसंद नहीं करता यह निचे से शुरू करते हुए अपने बल पर एक खास मुकाम प्राप्त करते हैं जो हर किसी के लिए उदाहरण बन जाता है।

3 ऐसे व्यक्ति बाहरी रुप से तो सामान्य दिखते हैं लेकिन अंदर से बिल्कुल अकेले होते हैं। कई बार भरा पूरा परिवार होने के बावजूद भी सबसे अलग रहते हैं इसकी वजह यह होती है कि शनि देव व्यक्ति को ब्राह्मण स्थितियों से बाहर रहते हैं। और इसलिए उसे रिश्ते की सच्चाइयां पता चल जाया करती है क्योंकि शनि देव को छल कपट बिल्कुल पसंद नहीं है। इसलिए यह किसी से नहीं पाते और अकेले पड़ जाते हैं किंतु यही बात इन्हें आत्मज्ञानी बनाता है ।यह एकांतवास में रहना पसंद करने लगते हैं इस संसार में वास्तविक सुख दुख को समझ कर ईश्वर की ओर उन्मुख होने लगते हैं।

4 जिन व्यक्तियों पर शनि देव की कृपा होती है वह बहुत ही न्याय प्रिय होती है। दूसरों को भी ऐसा ही करने की सलाह देते हैं उनकी यह खूबी सामाजिक जीवन में जीने में इन की सबसे बड़ी खामी भी हो सकती है क्योंकि इस कारण उनका बहुत कम लोगों से रिश्ता बन पाता है।

5 ऐसे व्यक्तियों को अक्सर 35 वर्ष की उम्र में या इसके बाद ही बड़ी सफलता मिलती है कर्म प्रधान होने के कारण उनके आगे बढ़ने में किसी का भी योगदान नहीं होता। जो पाते हैं अपनी मेहनत और सार्थक प्रयासों के बल पर ही पाते हैं कई शनि प्रधान व्यक्ति वैराग्य की ओर भी झुकते हैं यह विवाह नहीं करते या विवाह के बाद भी परिवार छोड़ कर सन्यासी का जीवन जीते देखे गए हैं।

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