शनिवार को आजमाएं ये 10 आसान उपाय, मिलेगी शनि देव की विशेष कृपा :

जिस व्यक्ति पर शनि की ढैया या साढ़ेसाती हो या फिर कुंडली में शनि के अशुभ प्रभाव के कारण जो किसी रोग से पीड़ित है अगर वे इन उपायों को आजमाते हैं तो उसे शनि देव की विशेष कृपा की प्राप्ति होती है तथा सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। तो आइए जानते है शनि को प्रसन्न करने के 10 सरल उपाय, आप जरूर आजमाएं… 

शनि महाराज के 10 सरल उपाय :- 

  1. शनि के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए शनिवार को काली गाय की सेवा करें। पहली रोटी उसे खिलाएं, सिंदूर का तिलक लगाएं, सींग में मौली (कलावा या रक्षासूत्र) बांधे तथा फिर मोतीचूर के लड्डू खिलाकर उसके चरण स्पर्श करें।
  1. प्रतिदिन पूजन करते समय महामृत्युंजय मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करें शनि के दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलती है।
  1. शनिवार के दिन बंदरों को भुने हुए चने खिलाएं तथा मीठी रोटी पर तेल लगाकर काले कुत्ते को खाने को दें।
  1. अगर आप शनि देव की विशेष कृपा चाहते हैं दोनों समय भोजन में काला नमक तथा काली मिर्च का प्रयोग करें।
  1. घर के किसी अंधेरे भाग में किसी लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरे उसमें तांबे का सिक्का डालकर रखें।
  1. शनि ढैया के शमन के लिए शुक्रवार की रात्रि में 8 सौ ग्राम काले तिल पानी में भिगो दें तथा शनिवार को प्रातः उन्हें पीसकर एवं गुड़ में मिलाकर 8 लड्डू बनाएं और किसी काले घोड़े को खिला दें। आठ शनिवार तक ये प्रयोग करें।
  1. यदि शनि की साढ़ेसाती से ग्रस्त हैं तो शनिवार को अंधेरा होने के बाद पीपल पर मीठा जल अर्पित कर सरसों के तेल का दीपक और अगरबत्ती लगाएं और वहीं बैठकर क्रमशः हनुमान, भैरव तथा शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल की सात परिक्रमा करें। 
  1. प्रत्येक शनिवार को वट तथा पीपल वृक्ष के नीचे सूर्योदय से पूर्व कड़वे तेल का दीपक जलाकर शुद्ध कच्चा दूध एवं धूप अर्पित करें।
  1. शनिवार के दिन अपने हाथ के नाप का 29 हाथ लंबा काला धागा लेकर उसको मांझकर(बंटकर) माला कि तरह गले में पहनें।
  1. यदि शनि की अशुभ दशा चल रही हो तो मांस-मदिरा सेवन न करें।