३३ कोटि देवता; सनातन धर्म की एक महत्वपूर्ण जानकारी..!!!

भारतीय पौराणिक कथा (Indian Mythological Story)

हमारा सनातन धर्म(Sanatan Dharma) विश्व का सबसे प्रचीन धर्म है इतना ही नहीं बल्कि विशाल ज्ञान और रहस्यों से भी भरा हुआ है इस धर्म(Dharm) में बहुत से कारण आज तक भी लोगों को ज्ञात नहीं है। सनातन धर्म में 4 वेद(Ved) हैं 18 पुराण(Puran) हैं और भी बहुत से दिव्य ग्रंथ हैं। माना जाता है कि सनातन धर्म में 33 कोटि देवता हैं।

सनातन धर्म के ३३ कोटि देवता
सनातन धर्म के ३३ कोटि देवता

यह शास्त्रों में बताया गया है। बता दें रामायण(Ramayan) के अरण्यकांड के 14 सर्ग के 14 श्लोक में 33 देवता ही बताए गए हैं। उसके अनुसार 12 आदित्य, 8 वसु, 11 रुद्र और 2 अश्विनी कुमार, ये ही कुल 33 कोटि देवता(Devta) हैं।

33 कोटि देवता

धर्म(Dharma) ग्रंथों में “३३ कोटि” देवताओं (ध्यान दें, देवता न कि भगवान) का वर्णन हैं। ध्यान दें कि यहाँ “कोटि” शब्द का प्रयोग किया गया है। युधिष्ठिर(Yudishthir) ने ध्यूत सभा में अपने धन का वर्णन करते समय कोटि शब्द का प्रयोग किया है।

सनातन धर्म के ३३ कोटि देवता
सनातन धर्म के ३३ कोटि देवता

दरअसल यहाँ कोटि का प्रयोग ३३ (त्रिदशा) “प्रकार” के देवताओं के लिए किया गया है। कोटि का एक अर्थ “प्रकार” (तरह) भी होता है। उस समय जब देवताओं का वर्गीकरण किया गया तो उसे ३३ प्रकार में विभाजित किया गया ।

इन ३३ कोटि देवताओं को वर्णन आपको किसी भी धर्म ग्रन्थ(Dharam Granth) खासकर पुराणों में मिल जाएगा। धर्म ग्रंथो(Dharam Granth) की गहराई से जाँच की जाये तो हमें कोटि का अर्थ ‘प्रकार’ ही मिलता है। यह सभी देवताओं के प्रकार हर पुराणों में वर्णित हैं।

12 आदित्य, 8 वसु, 11 रूद्र एवं 2 अश्विनी कुमार मिलकर 33 (12+8+11+2 =33) देवताओं की श्रेणी बनाते हैं।  इनका वर्णन नीचे दिया गया है:

सनातन धर्म के ३३ कोटि देवता
सनातन धर्म के ३३ कोटि देवता

12 आदित्य (सभी देवताओं में मूल देवता)

  1. धाता
  2. मित
  3. आर्यमा
  4. शक्रा
  5. वरुण
  6. अंश
  7. भाग
  8. विवास्वान
  9. पूष
  10. सविता
  11. त्वास्था
  12. विष्णु

8 वसु (इंद्र और विष्णु के सहायक)

  1. धर (पृथ्वी)
  2. ध्रुव (नक्षत्र)
  3. सोम (चन्द्र)
  4. अह (अंतरिक्ष)
  5. अनिल (वायु)
  6. अनल (अग्नि)
  7. प्रत्युष (सूर्य)
  8. प्रभास (ध्यौ: यही आठवें वसु थे जिनका जन्म भीष्म के रूप में गंगा की आठवी संतान के रूप में हुआ)
सनातन धर्म के ३३ कोटि देवता
सनातन धर्म के ३३ कोटि देवता

11 रूद्र (भगवान शंकर के प्रमुख अनुयायी. इन्हें उनका (भगवान रूद्र) का हीं रूप माना जाता है)

  1. हर
  2. बहुरूप
  3. त्रयम्बक
  4. अपराजिता
  5. वृषाकपि
  6. शम्भू
  7. कपार्दी
  8. रेवात
  9. मृगव्याध
  10. शर्वा
  11. कपाली

2 अश्विनी कुमार (इनकी गिनती जुड़वाँ भाइयों के रूप में एक साथ ही होती है जो देवताओं के राजवैध भी हैं)

  1. नसात्या
  2. दसरा

 

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