चाहते है सफेद मोती पहनना तो,जरूर पढ़े हमारा यह पोस्ट..!!!जो बताएगा कब,कैसे पहने सफ़ेद मोती..!!!

चाहते है सफेद मोती पहनना तो,जरूर पढ़े हमारा यह पोस्ट..!!!जो बताएगा कब,कैसे पहने सफ़ेद मोती..!!!

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बेशकीमती रत्नों को धारण कर परेशानी का हल पाने का भी कई उपाय हैं।आज हम आपको बताने जा रहे है सफ़ेद मोती के बारे में ।सफ़ेद मोती अपने आप में ही बहुत सूंदर होता है जिससे कई बार लोग अपने शोक से भी धारण करते है लेकिन क्या आपको पता है यह मोती ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक महत्वपूर्ण ज्योतिष उपाय माना जाता है।

क्यों पहनते हैं सफेद मोती

  • जब किसी व्यक्ति का चंद्रमा की कमजोर स्थिति में उसके कुंडली में चंद्र ग्रहण लग जाता है या फिर अन्य ज्योतिष कारणों से भी यह सफेद मोती धारण करने की सलाह दी जाती है। ध्यान दें कि ऐसी मोती एक नहीं बल्कि कई प्रकार के होते हैं और इन्हें इस्तेमाल करने से कैसे-कैसे लाभ मिलते हैं आप जानेंगे तो अवश्य मोती को धारण करने की ठान लेंगे।

  • ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार मोती को चंद्रमा की अशुभता दूर करने के लिए पहना जाता है। अगर कुण्डली में आफकी चंद्रमा के साथ पापी ग्रह राहु या केतु एक ही भाव में आकर बैठ जाएं तो यह चंद्र ग्रहण का योग बनाता है। इस ग्रहण का जीवन पर अशुभ प्रभाव ना हो इसके लिए मोती धारण करना आवश्यक होता है।

मोती धारण करने के नियम

  • 8 से 15 रत्ती का मोती चांदी की अंगूठी में जड़वा कर ही इसे धारण करना सही माना जाता है। याद से इस अंगूठी को सोमवार के दिन ही धारण करें। वहीं, धारण करने से ठीक एक रात पहले अंगूठी को दूध, गंगाजल, शहद, चीनी के मिश्रण में डालकर रात भर रखें।
  • अगले दिन पांच अगरबत्ती चंद्रदेव को समर्पित करते हुए प्रज्जवलित करें और इस अंगूठी को अपनी कनिष्ठिका अंगुली में धारण कर लें।

  • ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार चंद्रमा की यह अंगूठी धारण करने के 4 दिन के अंदर-अंदर ही आपको इसका प्रभाव दिखना शुरू हो जाएगा।
  • हालांकि औसतन 2 साल एक महीना और 27 दिन तक यह मोती अपना प्रभाव दिखाता है और इसके बाद निष्क्रिय हो जाता है।

तो अगली बार जब भी आप सफ़ेद मोती पहनने का सोचे तो हमारा यह पोस्ट जरूर पढ़े ।

 

73 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published.