लंकनरेश रावण की पत्नी की कुछ विचित्र बाते, जान रह जाओगे आप भी हैरान !

जब मन्दोदरी विवाह के योग्य हो गई तो अपनी पुत्री के साथ विवाह के लिये मयासुर एक सुयोग्य वर ढूढने लगे. उस समय त्रिलोक विजेता लंकापति रावण का हर तरफ प्रभाव था अतः मायासुर को अपनी पुत्री के लिए रावण सुयोग्य वर लगा.

रावण की नजर जैसे ही मंदोदरी पर गई वह मोह‌ित हो गया और झट से व‌िवाह का प्रस्ताव स्वीकार कर ल‌िया.


रावण ने मंदोदरी को वचन द‌िया क‌ि केवल मंदोदरी ही उनकी प्रमुख पत्नी और लंका की महारानी होगी. मंदोदरी से व‌िवाह के उपहार स्वरूप मायासुर ने रावण के ल‌िए सोने की लंका का न‌िर्माण क‌िया.

मंदोदरी के बारे में एक ऐसी भी कथा है जिसके अनुसार देवी सीता इन्हीं की पुत्री थी.

ज्योत‌िष‌ियों ने सीता को देखने के बाद कहा था क‌ि इन्हें महल से न‌िकाल दो यह लंका में रहेगी तो लंका का व‌िनाश कर देगी. इसल‌िए रावण ने सीता को कलश में छुपाकर भूम‌ि में दबा द‌िया .
लेक‌िन व‌िधाता का ऐसा खेल हुआ क‌ि सीता का हरण कर रावण स्वयं लंका ले गया और मंदोदरी के लाख समझाने पर क‌ि सीता को राम को लौटा दे रावण ने बात नहीं मानी और लंका का व‌िनाश हो गया.

एक अन्य कथा के अनुसार रावण की मृत्यु एक ख़ास बाण से ही हो सकती थी तथा जिसकी जानकारी सिर्फ मंदोदरी को थी. हनुमान जी ने मंदोदरी से इस बात को जानकर उस अनोखे बाण को चुरा लिया तथा अंत में उसी बाण से श्री राम रावण पर विजयी होने में सफल हुए…!!