जानिये क्यों भगवान् राम ने अवतार लेने के लिए अयोध्या नगरी का ही चुनाव किया ..

जानिए..!!क्यों भगवान विष्णु ने अयोध्या को चुना अवतार लेने के लिए..!!!

पुराणों में विष्णु को विश्व का पालनहार कहा गया है।भगवान विष्णु को लेकर क्या आप जानते हैं कि त्रेता युग में भगवान विष्णु ने अयोध्या में ही क्यों अवतार लिया?यदि नहीं, तो आज हम आपको बतायेंगे कि क्यों भगवान विष्णु ने अयोध्या में अवतार लिया। आइये पढ़ते है पूरी कहानी:

स्वायंभुव मनु और उनकी पत्नी शतरूपा वे हैं जिनसे मनुष्य जाति की उत्पत्ति हुई है। ये दोनों पति-पत्नी के धर्म और आचरण बहुत ही पवित्र थे। मनु

ने बहुत समय तक राज किया और देखते ही देखते उन्हें बुढ़ापा भी आ गया। बूढ़े होने पर मनु को इस बात पर बहुत दुख हुआ कि उनका जीवन श्रीहरि की भक्ति के बिना ही बीत गया। तब मनु अपने पुत्र को ज़बरदस्ती राज-पाठ देकर अपनी पत्नी के साथ वन में चले गए।

पत्नी के साथ मनु तीर्थों में श्रेष्ठ नैमिषारण्य धाम पहुंचे। वहां जाकर मनु और शतरुपा ने कई हजार साल तक भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए उनकी तपस्या की। भगवान विष्णु को मनाने के लिए वे कठोर तपस्या करते रहे। उन्होंने मूल फल का त्याग किया और केवल जल के आधार पर रहने

लगे। इस प्रकार जल का आहार करते हुए उन्हें छह हज़ार साल बीत गए।

भगवान विष्णु उनकी तपस्या से ख़ुश हुए। और उन्होंने मनु और उनकी पत्नी को वर मांगने के लिए कहा। तब मनु और शतरूपा ने भगवान विष्णु से कहा कि उन्हें भगवान विष्णु जैसा ही पुत्र चाहिए। मनु और शतरूपा की इच्छा सुनकर भगवान विष्णु ने कहा कि इस पूरे संसार में उनके जैसा कोई है ही

नहीं। इसलिए यह इच्छा पूरी नहीं की जा सकती है।

भगवान विष्णु ने मनु से कहा कि कुछ समय बाद वो अयोध्या के राजा दशरथ के रूप में जन्म लेंगे, तब भगवान विष्णु उनके पुत्र बनकर उनकी इच्छा पूरी करेंगे। और इस तरह मनु और शतरुपा को दिए वरदान को पूरा करने के लिए ही भगवान विष्णु ने अयोध्या में राम के अवतार में जन्म लिया।

अब तो आप जान गए ना भगवान विष्णु ने क्यों लिए अयोध्या में जन्म ।

॥ जय श्री राम ॥