जानिये पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रहस्मयी 6 अजूबे!! जिन्हें जानकर हैरान हो जाएँगे आप!!

जानिये पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रहस्मयी 6 अजूबे!!

जगन्नाथ धाम चारधाम में से एक है। यहां भगवान अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं। कहा जाता है कि द्वापर के बाद भगवान कृष्ण जगन्नाथ के रूप में पुरी में निवास करने लगे। इस मंदिर की बहुत सी विशेषताएं हैं। यहां के कुछ चमत्कारों को जानकर कोई भी हैरान हुए बगैर नहीं रह सकता है। यहां हम बता रहे हैं भगवान जगन्नाथ के इस पावन धाम के कुछ रोमांचक रहस्य।

पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रहस्मयी 8 अजूबे
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रहस्मयी 8 अजूबे

हवा के विपरीत लहराता है ध्वज

जगन्नाथ मंदिर के ऊपर स्थापित लाल ध्वज सदैव हवा के विपरीत दिशा में लहराता है। ऐसा किस कारण होता है यह कोई नहीं जानता, लेकिन यह अपने आप में आश्चर्यचकित कर देने वाली बात है।

नहीं बनती गुंबद की परछाई

यह दुनिया का सबसे भव्य और ऊंचा मंदिर है।  आश्चर्य की बात यह है कि मुख्य गुंबद की परछाई दिन के किसी भी समय दिखाई नहीं देती।

सुदर्शन चक्र

पुरी में किसी भी स्थान से आप मंदिर के शीर्ष पर लगे सुदर्शन चक्र को देखेंगे तो वह आपको सदैव अपने सामने ही लगा दिखेगा। इसे नीलचक्र भी कहते हैं। यह अष्टधातु से निर्मित है और अति पावन और पवित्र माना जाता है।

हवा की दिशा 

सामान्य दिनों में हवा समुद्र से जमीन की तरफ आती है और शाम को इसके विपरीत, लेकिन पुरी में इसका उल्टा होता है। अधिकतर समुद्री तटों पर आमतौर पर हवा समुद्र से जमीन की ओर आती है, लेकिन यहां हवा जमीन से समुद्र की ओर जाती है।

गुंबद के ऊपर नहीं उड़ते पक्षी 

मंदिर के ऊपर गुंबद के आस-पास अब तक कोई पक्षी उड़ता हुआ नहीं देखा गया। इसके ऊपर से विमान नहीं उड़ाया जा सकता। मंदिर के शिखर के पास पक्षी उड़ते नजर नहीं आते।

समुद्र की ध्वनि 

मंदिर के सिंह द्वार में पहला कदम प्रवेश करने पर ही (मंदिर के अंदर से) आप सागर द्वारा निर्मित किसी भी ध्वनि को नहीं सुन सकते। आप (मंदिर के बाहर से) एक ही कदम को पार करें, तब आप इसे सुन सकते हैं।

 

 

 

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