यहां पर महादेव को बूढ़े बाबा के रूप में पूजा जाता है..!!! पढ़े इस अद्भुत मंदिर के बारे मे..!!

रामेश्वर की भस्म से पूजा जाता है बूढ़े देव को!!!

हम सब ने कई देवी देवताओ के बारे में सुना होगा लेकिन क्या आपने बूढ़े देव के बारे मे भी सुना है। कि यहां पर महादेव को बूढ़े बाबा के रूप में पूजा जाता है। ये मन्दिर छत्तीसगढ़ की राजधानी बूढापारा में महादेव का मन्दिर स्थित है भोले बाबा को यहाँ लोग बूढ़े देव के नाम से जानते है आपको विश्वास तो नहीं होगा लेकिन ये सच है।

आपको बताये कि भोले बाबा की आरती के लिए रामेश्वर से भस्म मंगाई जाती है। बूढ़े देव मंदिर में हर सोमवार को रामेश्वर की भस्म से आरती की जाती है इस तरह से इस मंदिर में पूजा आज से ही नहीं बल्कि 400 साल पहले यहाँ के आदिवासी लोग करते थे इसीलिए महादेव को बूढ़े देव के नाम से जाना जाता है।आदिवासी समाज में लोगों इसे बूढ़े देव के नाम से पूज रहे थे इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है की 1923 से इस मंदिर की देख रेख रायपुर कर रहा है।

लगभग 63 साल पहले इस मंदिर को नया स्वरूप दिया गया था ये काफी चमत्कारिक मंदिर है यहाँ शिव भगवान् की बूढ़े देव के रूप में पूजा की जाती है इस मंदिर में ये केवल एक ही मंदिर नही है इस मंदिर के परिसर में और भी कई मंदिर स्थित है जिनमे हनुमानजी मंदिर गायत्री मंदिर नरसिंह मंदिर राधा कृष्ण और भी ऐसी कई मंदिर स्थित है इस मंदिर में रोजाना सुबह शाम आरती की जाती है यहाँ 12 बजे भगवान् का भोज लगाया जाता है।

फिर भोले बाबा के ऊपर इसका अभिषेक किया जाता है इसके साथ साथ दूध का सभिषेक भी किया जाता है इस मंदिर में इस तरह से व्यवस्त की गई है की रोजाना अभिषेक करने के किसी यहाँ किसी चीज में खरावी न नाइ यहाँ एक डीएम शांति रहे यहाँ बूढ़े देव पर धतूरा बेर आदि का चढ़ाव किया जाता है।