आज पढ़िए..!!पूजन के 8 खास नियम..!! जिनके बिना नही मिलता किसी भी पूजा का फल !!

आज पढ़िए..!!पूजन के 8 खास नियम..!!

हमारे शास्त्रों एवं ज्योतिष में पूजा का एक निश्चित समय बताया गया है जिस समय हम पूजा करके भगवान को प्रसन्न कर सकते है।आज हम आपको बता रहे है किस तरह हमें जीवन को सुखी और समृद्धिशाली बनाने के लिए देवी-देवताओं की पूजा करना चाहिए और उनकी पूजा करते समय कुछ खास बातें अवश्य ध्यान में रखनी चाहिए,तभी हमारी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

आइए जानते हैं पूजन के कुछ खास नियम

  • घर के ईशान कोण में मंदिर सर्वश्रेष्ठ होता है।
  • मंदिर को एकल रूप में स्थापित करें।
  • पूजन के कार्य के लिए वैसे तो ब्रह्म मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ होता है लेकिन ऐसा न कर सके तो सवेरे 3 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक के पूर्व का समय ही हमें पूजा के लिए निश्चित करना चाहिए ।

  • पूजा के समय हमारा मुंह ईशान, पूर्व या उत्तर में होना चाहिए, जिससे हमें सूर्य की ऊर्जा एवं चुंबकीय ऊर्जा मिल सके। इससे हमारा दिनभर शुभ रहे।
  • मंदिर और देवी-देवताओं की मूर्ति के सामने कभी भी पीठ दिखाकर नहीं बैठना चाहिए।
  • अपने मन को हमेशा पवित्र रखें। दूसरों के प्रति सद्भावना रखें, तभी आपकी पूजा सात्विक होगी एवं ईश्वर आपको हजार गुना देगा।
  • इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि कभी भी दीपक से दीपक नहीं जलाएं। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति दीपक से दीपक जलते हैं, वे रोगग्रस्त होते हैं।

  • कभी भी सूर्यदेव को शंख के जल से अर्घ्य अर्पित करना चाहिए।

इस तरह इन ख़ास नियमों का पालन कर प्रतिदिन भगवान की पूजा करने से आपके समस्त दुख दूर होंगे। ईश्वर पर पूर्ण भरोसा रखने से ही आपके समस्त कार्य निर्विघ्न पूर्ण होंगे।