आज पढ़े..!!पितृ दोष कैसे आपके जीवन को कर सकता है बर्बाद..??जाने निवारण के उपाय..!!!

आज पढ़े..!!पितृ दोष कैसे आपके जीवन को कर सकता है बर्बाद..??जाने निवारण के उपाय..!!!

अगर हम अपने कुल देवता ,पितृ देवता को अनदेखा करते है और उनको सम्मान नहीं देते है,तो वो हम से नाराज हो जाते है और हमे पितृ दोष का सामना करना पड़ता है । इस दोष से परिवार की सुख शांति ख़त्म हो जाती है। मानसिक,आर्थिक हर तरह की समस्या उत्पन्न होने लगती है । हमारे पूर्वज हमारे पितृ बन चुके है,बड़ो की तरह सिर्फ मान सम्मान के भूखे होते है । हमें उन्हें कभी नहीं भूलना चाहिए । उनसे ही हम है इसलिए हमें उन्हें पूर्ण श्रद्धा व सम्मान देना चाहिए ।काफी बार हमें पितृ दोष का सम्मना करना पड़ता है । हमें पता ही नहीं चलता कि हम किस दोष की सजा भुगत रहे है।पितृ दोष के कारण बहुत सी समस्याओ का सामना करना पड़ता है जैसे विवाह न होने की समस्या ,वैवाहिक जीवन में कलेश होना, परीक्षा में असफल होना,नशे का आदि होना , नौकरी न लग पाना , बच्चे की अकाल मृत्यु हो जाना और अतयधिक क्रोधित हो जाना आदि शामिल है ।

ज्योतिष विद्या में सूर्य को पिता का और मंगल को रक्त का कारक बताया गया है । जब किसी व्यक्ति की कुंडली में ये २ महत्वपूर्ण गृह पाप भव में होते है । तो व्यक्ति का जीवन पितृ दोष के चक्र में फस जाता है । जहा तक लगन और पंचम भाव में सूर्य मंगल ,शनि का होना या अष्टम या द्वादश भाव में बृहस्पति या राहु का होना पितृ दोष के कारण संतान होने में बाधा आती है  । किसी न किसी ब्रहामण या कुल गुरु का अपमान करने के कारण, गोहत्या के कारण, मरते वक़्त अगर किसी की कोई इच्छा पूरी न हो और पितृ को जल नहीं देने के कारण पितृ दोष होता होता है ।जिस घर में पितृ दोष होता है , उस घर का परिवार सिकुड़ने लगता है ।घर में परिवार में मन मुटाव होने लगता है । नकारात्मक सोच बड़ जाती है । शादी योग्य बच्चों की शादी नहीं होती है । शादी के बाद संतान नहीं होती है । प्राचीन ग्रन्थ में पितृ दोष को सबसे बड़ा दोष मना गया है।

प्रतिदिन कुल देवता की पूजा करने से पितृ दोष का शमन होता है।घर के बड़े बुजुर्ग को प्रेम व सम्मान भरपूर देना चाहिए । प्रतिदिन उनका अभिवादन करते हुए उनका आशीर्वाद लेने से पितृ दोष प्रसन्नं व संतुष्ट होते है ।

आज हम आपको पितृ दोष के निवारण के कुछ उपाय भी बता रहे है,बता दे कोई भी उपाय करने से पहले अपने घर को साफ़ सुथरा रखें ।घर में कोई भी कचरा न हो । सबसे पहले गणेशजी का सुमिरन करे ,ताकि सारी विपदाएं दूर रहे । उपाय करने के लिए ताम्बे के लोटे से सुबह-सुबह सूर्य देव को जल देना चाहिए ।इसके अलावा सोमवती अमावस्या को खीर बनाकर पितरो को अर्पित करने से पितृ दोष में कमी आती है । घर में पीपल के पेड़ पर मीठा जल व जनेव अर्पित करके ॐ नमो भगवते वासु देवाय नमः इस मंत्र का जाप करते हुए कम से कम ७ या १०८ बार परिक्रमा करे । इसके बाद अपनी गलती की क्षमा मांगे । इससे पितृ दोष का निवारण होता है ।

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