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एक दिन में दो बार गायब हो जाता है यह मंदिर ……

गुजरात में वडोदरा से 85 km दूर जंबूसर तहसील के कावी-कंबोई गांव का यह मंदिर स्तंभेश्वर नाम से प्रसिद्द है यह मंदिर दिन में दो बार सुबह और
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जानिए कब मनाई जाएगी अहोई अष्टमी, यहां जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि :

करवा चौथ के समान अहोई अष्टमी उत्तर भारत में प्रसिद्ध है । अहोई अष्टमी का दिन अहोई आठें के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह व्रत
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बोधेश्वर महादेव मंदिर में आते हैं हजारों सांप और दूर होते हैं ‘असाध्य रोग’ :

बोधेश्वर महादेव मंदिर की बनावट बेहद खूबसूरत है एवं इसे 15वीं शताब्दी की कलाकृति कही जाती है। मंदिर में स्थापित पंचमुखी शिवलिंग के पत्थर के विषय में ऐसा
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साक्षात चमत्कार तीन बार रंग बदलते है महादेव यहाँ………..

राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे अचलेश्वर महादेव का मंदिर पुरे विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ पर महादेव के लिंग की नहीं अपितु उनके अंगूठे
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श्रीकृष्ण का यह मंदिर मात्र 2 मिनट के लिए होता है बंद , वजह जानकर हैरान रह जाएंगे:

केरल के कोट्टायम जिले में तिरुवेरपु या थिरुवरप्पु में श्रीकृष्ण का एक प्रसिद्ध और चमत्कारिक मंदिर है जिसे तिरुवरप्पु श्रीकृष्ण मंदिर कहते हैं। इस मंदिर के संबंध में
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डर से इस मंदिर में नहीं जाते हैं लोग, बाहर से ही जोड़ लेते हैं हाथ !!

जिस किसी ने जन्म लिया है, उसकी मृत्यु होना तय है। ऐसा माना जाता है कि जब किसी की मौत होती है तो उसकी आत्मा को लेने के
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जानिये कैसे महाकाल थे लंकादहन के असली कारण

हनुमान अवतार और लंकादहन सामान्यत: लंकादहन के संबंध में यही माना जाता है कि सीता की खोज करते हुए लंका पहुंचे और रावण के पुत्र सहित अनेक राक्षसों
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जानिये कैसे महाकाल की वजह से शुरू हुआ वास्तु शास्त्र

मत्स्य पुराण के अनुसार प्राचीन काल में भयंकर अंधकासुर वध के समय विकराल रूपधारी भगवान शंकर के ललाट से पृथ्वी पर उनके स्वेद बिंदु गिरे थे, उससे एक
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काल भैरव के मंत्र जो आपका जीवन बदल देंगे ..

शिव की क्रोधाग्नि का विग्रह रूप कहे जाने वाले कालभैरव का अवतरण मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष की अष्टमी को हुआ। इनकी पूजा से घर में नकारत्मक ऊर्जा, जादू-टोने, भूत-प्रेत आदि
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इस गणेश मंदिर की स्थापना स्वयं श्री राम ने की थी ……..

श्री स्थिरमन गणेश  एक अति प्राचीन गणपति मंदिर जो कि उज्जैन में स्थित है । इस मंदिर एवं गणपतिकी विशे षता यह है कि  वे न तो दूर्वा और न ही मोदक और लडडू से प्रसन्न होते हैं उनको गुड़  की एक डली सेप्रसन्न कि या जाता है । गुड़ के साथ नारियल अर्पित करने से गणपति प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों की झोलीभर  देते हैं, ह र लेते हैं भक्तों का हर दुःख और साथ ही मिलती है मन को बहुत शान्ति । इस मंदिर में सुबहगणेश जी का सिंदू री श्रंगार कर चांदी के वक्र से सजाया जाता है । यहां सुबह – शाम आरती होती है जिसमें शंखों एवं घंटों की ध्वनि मन को शांत कर  देती है । इतिहास में वर्णनमिलता है कि श्री राम जब सीता और लक्ष्मण के साथ तरपन के लिए उज्जैन आये थे तो उनका मन बहुतअस्थिर हो गया तथा भगवान श्री राम  ने श्रीस्थिर गणेश की स्थापना कर पूजा की तब श्री राम का मन स्थिर हुआ। कहा जाता है कि राजा विक्रमादित्य का जब मन अस्थिर हुआ तो गलत फैसले होने पर वे श्रीस्थिर गणेशमंदिर आकर उन्होंने गणपति की आराधना की तब कहीं उनका मन स्थिर हुआ ऐसी मान्यता है कि मंदिर की पिछली दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बना कर मान्यता मानने से मन की कामनापू र्ण होती है । मान्यता पूरी होने पर चढ़ाना होगा गुड़ एवं नारियल । मंदिर परिसर में एक बड़ा शमी का पेड़ है जिसकी पूजा आपकी सभी इच्छाओं को पूरा करती है । उज्जैन आयें तो श्रीस्थिरमन गणेश मंदिर जरूर दर्शनकरें ।
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