पद्मिनी एकादशी : पद्मिनी एकादशी के दिन करें ये दस उपाय, घर में होगा सुख-समृद्धि का आगमन !!

पद्मिनी एकादशी व्रत अधिक मास में रखा जाता है तथा यह व्रत 27 सितंबर को रखा जाएगा। पुरुषोत्तम मास में पड़ने के कारण इस एकादशी को पुरुषोत्तमी एकादशी भी कहा जाता हैं। पद्मिनी एकादशी जगत के पालनहार विष्णु जी को बेहद प्रिय है। शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति पद्मिनी एकादशी व्रत का पालन सच्चे मन से करता है उसे विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए ये दस उपाय जरूर करने चाहिए।

  1. पद्मिनी एकादशी पर शाम के समय तुलसी के आगे घी का दीपक जलाकर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जप करते हुए आप तुलसी की 11 परिक्रमा करें। ऐसा करने से आपको भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
  2. यदि आपका पैसा कहीं भी फंसा हुआ है तो पद्मिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के आगे घी का दीपक जलाकर पूर्व दिशा की और मुख करके गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करें। 
  3. सेहत से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए ऋतुफल को जगत के पालनहार को अर्पित करना चाहिए।  
  4. पद्मिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी को सौंफ अर्पित करें। यह उपाय आपको व्यापार में तरक्की कराएगा। 
  5. पद्मिनी एकादशी के दिन गरीब तथा असहाय लोगों को भोजन कराना चाहिए। इसके साथ उन्हें दान-दक्षिणा देना चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
  6. पद्मिनी एकादशी के दिन दूध से निर्मित खीर में तुलसी डालकर विष्णु जी को चढ़ाएं। यह उपाय आपके वैवहिक जीवन को बेहद सुखद बना देगा।
  7. पद्मिनी एकादशी के दिन विष्णु जी के समक्ष नौ मुखी दीपक के साथ एक अखंड ज्योति जलाने से नौकरी में आ रही तमाम तरह की दिक्कतें दूर हो जाती हैं।
  8. धन की दिक्कत को दूर करने के लिए अधिक मास में पड़ने वाली पद्मिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु का केसर घुले हुए दूध से अभिषेक करना चाहिए। 
  9. एकादशी के दिन ब्राह्मणों का दान-दक्षिणा देने से मनोकामना पूरी होती हैं। इसलिए पद्मिनी एकादशी के दिन अपनी इच्छा पूर्ति के लिए ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा जरूर देनी चाहिए। 
  10. शास्त्रों के मुतबिक पल के वृक्ष में विष्णु जी का वास माना गया है इसलिए पद्मिनी एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा अवश्य करनी चाहिए।