कलयुग के अंत में जाग उठेंगे महादेव के प्रिय नंदी!!! जानिये क्या है इसका रहस्य!!!

कलयुग के अंत में जाग उठेंगे महादेव के प्रिय नंदी!!!

भारत अपने गर्भ में कई सारे रहस्य और चमत्कारों को समेटे हुए है। धार्मिक स्थलों से जुड़े रहस्य आज भी लोगों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। आन्ध्रप्रदेश का एक मंदिर ऐसा भी है जहां के रहस्यों के आगे विज्ञान ने भी अपने घुटने टेक लिए हैं। जानिए इस रहस्यमयी मंदिर से जुड़े कुछ अद्भुत रहस्य।

आन्ध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में स्थित संगमा राजवंश के द्वारा बनवाया गया यागंती उमा महेश्वर मंदिर आज भी अपनी अद्भुद्ता के लिए प्रसिद्ध है । यह मंदिर जितना अद्भुत है अपने आप में उतने ही रहस्यों को समेटे हुए है। कहा जाता है ” ऋषि अगस्त इस स्थान पर भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर बनाना चाहते  थे पर मंदिर में मूर्ति की स्थापना के समय मूर्ति के पैर के अंगूठे का नाखून टूट गया जिसके कारण को जानने के लिए भगवन शिव  की तपस्या की उसके बाद भगवान शिव के आशीर्वाद से ऋषि अगस्त्य ने यहाँ उमा महेश्वर की स्थापना की।

क्या सच में जीवित हो जाएंगे नंदी ?

नंदी को लेकर ऐसी मान्यता है कि एक दिन ऐसा आएगा जब नंदी महाराज जीवित हो उठेंगे, उनके जीवित होते ही इस संसार में महाप्रलय आएगा और इस कलयुग का अंत हो जाएगा।इस यागंती उमा महेश्वर मंदिर में स्थापित नंदी की मूर्ति का आकार हर 20 साल में करीब एक इंच बढ़ जाती है।भारतीय पुरातत्व विभाग के अनुसार मूर्ति हर साल बढ़ रही है, नंदी का आकार बढ़ने की वजह से मंदिर के संस्थापक एक खम्भे को भी हटा चुके हैं।

नहीं आते कौवे

मंदिर परिसर में कभी भी कौवे नहीं आते हैं। ऐसी मान्यता है कि तपस्या के समय विघ्न डालने की वजह से ऋषि अगस्त ने कौवों को यह श्राप दिया था कि अब कभी भी कौवे मंदिर प्रांगण में नही आ सकेंगे।

कहां से आता है पानी?

इस मंदिर में नंदी के मुख से लगातार पानी गिरता रहता है, बहुत कोशिशों के बाद भी आज तक कोई पता नही लगा सका की पुष्करिणी में पानी कैसे आता है। ऐसी मान्यता है कि ऋषि अगस्त्य ने पुष्करिणी में नहाकर ही भगवान शिव की आराधना की थी।