जानना होगा रोचक.!!नागपंचमी पर नागों को दूध क्यों पिलाते हैं..!!!

जानना होगा रोचक.!!नागपंचमी पर नागों को दूध क्यों पिलाते हैं..!!!

नागपंचमी पर नागों को दूध क्यों पिलाते हैं
नागपंचमी पर नागों को दूध क्यों पिलाते हैं

नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है, उन्हें दूध पिलाया जाता है व दूध से स्नान कराया जाता है। कहते हैं इस दिन नाग देवता की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और वे उस परिवार को कभी कोई हानि नहीं पहुंचाते। शास्त्रों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि सांपों को दूध पीलाने से सर्प देवता प्रसन्न होते हैं। इससे घर में अन्न धन और लक्ष्मी का भंडार बना रहता है।

इसलिए कराते हैं दूध से स्नान

एक कथा के अनुसार नाग माता कद्रू ने अपने नाग पुत्रों को शाप दिया था कि तुम लोगों ने मेरी आज्ञा का पालन नहीं किया है इसलिए पाण्डव वंश के राजा जनमेजय के नाग यज्ञ में जलकर तुम सब नष्ट हो जाओगे। पंचमी तिथि को ही ब्रह्मा जी ने उन्हें यह उपाय बताया था कि आस्तिक मुनि कैसे उन्हें जलने से बचाएंगे। पंचमी के दिन आस्तिक मुनि ने जले हुए नागों को बचाकर उन्हें गाय के दूध से स्नान कराया था, जिससे उनके शरीर की जलन

समाप्त हुई थी। इसलिए इस पंचमी के दिन नाग देवता को दूध पिलाने व दूध से स्नान कराने से वे प्रसन्न होते हैं।

हालांकि शास्त्रों में नाग को दूध पीलाने के मत को विज्ञान स्वीकार नहीं करता है।लेकिन यह परंपरा सदियों से चली आ रही है कि नागपंचमी के दिन नागों को दूध अर्पित किया जाए।

इसलिए हमारा मानना है की चाँदी के सांप पर दूध चढ़ाये ।