भविष्य पुराण के अनुसार जानिए नाग देवता के बारे में कुछ दिलचस्प बातें..!!!

भविष्य पुराण के अनुसार जानिए नाग देवता के बारे में कुछ दिलचस्प बातें..!!!

सनातन धर्म के भविष्य पुराण में नाग देवता के बारे में कुछ वर्णन मिलता है।उनसे जुड़ी कई आश्चर्यजनक और दिलचस्प बातें पढ़ने को मिलती हैं। नाग देवता का हमारे पुराणों में एक महत्वपूर्ण स्थान है,भगवान विष्णु तो सांपो की शैया पर विश्राम करते है और भगवान शिव उन्हें धारण करते है ।भविष्य पुराण में कुछ बातें बताई गई है जो सांप के जन्म से लेकर उनके जहर धारण करने की क्षमता के बारे में बताई गई हैं। नागों के जन्म से जुड़ी ये बातें बेहद दिलचस्प हैं।तो आइये आज हम पढ़ते है कुछ रोचक बातें जो शायद आपको पढ़ने में अच्छी लगे।

  1. भविष्य पुराण में बताया गया है कि नागों ज्येष्ठ और आषाढ़ के मास में गर्भधारण करते हैं।
  2. गर्भवती नागिन एक बार में 240 चालीस अंडे देती है।
  3. यह भी बताया गया है कि नाग अपने अंडों को स्वयं खा जाता है। लेकिन जो बच जाते हैं वह नागों का वंश आगे बढ़ाते हैं।
  4. लंबी रेखाओं से युक्त अंडों से नागिन उत्पन्न होती है।
  5. सांप के अंडों के सात दिन बाद संपोलों का रंग काला हो जाता है।
  6. जन्म के 21 दिन बाद नाग के विष वाले दांत आ जाते हैं और 25 दिन में वह इतना परिपक्व हो जाता है कि किसी को भी डस सकता है।
  7. सांप के दांतों की संख्या 32 होती है।
  8. जब भी सांप किसी को काटता है तो उसका पूरा जहर उगल देता है।
  9. खाते समय साँप भोजन को चबाकर नहीं खाता है बल्कि पूरा का पूरा निकल जाता है।
  10. साँप के पैर नहीं होते हैं। यह निचले भाग में उपस्थित घड़ारियों की सहायता से चलता फिरता है।
  11. साँप के आँखों में पलकें नहीं होती, ये हमेशा खुली रहती हैं।