मातृ दिवस पर कुछ पंक्तियाँ माँ को समर्पित..!!!

मातृ दिवस पर कुछ पंक्तियाँ माँ को समर्पित..!!!

हमें इस दुनिया में लाने वाली माँ ही है। ईश्वर के बाद अगर किसी के पास जन्म देने की शक्ति है तो वो माँ ही है ।वो माँ ही है जो हमारी बिना कहे ही सारी बातें को समझ जाती है। हमारे सारे दुःख तकलीफों को समझ जाती है। हमारी ख़ुशी में वो खुश और हमारे दुःख में वो दुःखी हो जाती है ।

आइये आज पढ़ते है माँ को समर्पित कुछ खास पंक्तियाँ

चेहरे के भाव को देख के ही, हर बात समझ वो जाती है,
जब भी प्यारी लोरी वो गाती , झट से नींद वो ले आती है॥

मेरी नादानी, मेरी शैतानी, मेरी तोतली बातें बचकानी,
देख के मेरे बचपन में ,वो अक्सर ही मुस्कुराती है॥
बिगड़े जरा सी हालत तो, चिंता में वो पड़ जाती है,
देखभाल में मेरी अकसर, सारी रात जाग कर बिताती है॥

खुद भूखी रह जाती है, पर भूखा न मुझे सुलाती है॥
वो खाली पेट बसर कर, मुझको भर पेट खिलाती है,
न जाने कैसा जादू है, वो मेरी हर धड़कन पढ़ जाती है॥

वो तपती धूप में छाया है, वो प्यार की पावन माया है,
माँ की महिमा को तो, खुद भगवान ने भी गाया है॥
उसके आशीर्वाद से ही, हर दुःख तकलीफ मिट जाती है,
“माँ” की मौजूदगी से ही तो, घर में खुशियां आती हैं॥

॥ जय हो जननी माँ ॥

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