मां दुर्गा का अनोखा शक्ति पीठ, जहां मुसीबत आने से पहले आंसू बहाती है प्रतिमा !!

मां दुर्गा का अनोखा शक्ति पीठ, जहां मुसीबत आने से पहले आंसू बहाती है प्रतिमा !!

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ मे नगरकोट नाम के स्थान पर स्थित है ब्रजेश्वरी देवी का मंदिर इसलिए इस मंदिर को नगरकोट की देवी कांगड़ा देवी और नगरकोट धाम भी कहा जाता है। देवी के 51 शक्तिपीठ में से एक स्थान को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है इसलिए इसका वर्णन माता दुर्गा की स्तुति में भी किया गया है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों द्वारा किया गया था।

ब्रजेश्वरी देवी का मंदिर
ब्रजेश्वरी देवी का मंदिर

पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी सती के पिता दक्ष द्वारा किए गए यज्ञ में अपमानित होने के कारण यज्ञ कुंड में अपने प्राण त्याग दिए थे तब क्रोधित भगवान शंकर उनके मृत शरीर को लेकर पूरे ब्रह्मांड के चक्कर लगाते हुए तांडव करना प्रारंभ कर दिया था। उनके क्रोध को शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को 51 भागों में विभाजित कर दिया था उन्हीं अंगों में से देवी का बाया वक्ष इस स्थान पर गिरा था तभी से यह स्थान देवी के शक्तिपीठ के रूप में स्वीकृत किया जाता है।

इस मंदिर में माता एक पिंडी के रूप में विराजमान हैं यहां पर देवी की पिंडी के साथ भगवान भैरव की भी एक चमत्कारी मूर्ति स्थापित है कहते हैं कि जब इस स्थान पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तो भैरव की मूर्ति से आंसू और पसीना बहने लगता है। भक्तों का दावा है कि यहां पर यह चमत्कार कई बार देखा है कहते हैं बहुत-से दशक पहले इस मूर्ति से आंसू और शरीर से पसीना निकला था उसी के बाद का आंगन में भीषण अग्निकांड हुआ था काफी दुकानें जलकर राख हो गई थी। इसके बाद से ही आपदा को टालने के लिए यहां हर वर्ष नवंबर व दिसंबर के मध्य में भैरव जयंती मनाई जाती है इस दौरान पार्ट और हवन किया जाता है।