आज जानिए..!!!हिन्दू धर्म में महिलाएँ नारियल क्यों नहीं फोड़ती..!!!!

आज जानिए..!!!हिन्दू धर्म में महिलाएँ नारियल क्यों नहीं फोड़ती..!!!!

नारियल का उपयोग अक्सर पूजा पाठ के दौरान किया जाता है
नारियल का उपयोग अक्सर पूजा पाठ के दौरान किया जाता है

हमारे हिन्दू धर्म में कई मान्यताओं के चलते बहुत से रीति रिवाज़ है उनमे से एक है महिलाओं का नारियल न फोड़ना।नारियल का उपयोग अक्सर पूजा पाठ के दौरान किया जाता है और इसका पूजा में अपना महत्वपूर्ण स्थान भी है। हिंदू धर्म में किसी भी देवी-देवता की पूजा हो उसमें नारियल होना अनिवार्य है। किसी देवी देवता की पूजा शुरु करने से पहले नारियल चढ़ाने की परंपरा रही है। नारियल के बिना किसी भी देवी देवता की पूजा करना अशुभ माना जाता है। कहते हैं कि यदि भगवान को नारियल चढ़ाया जाए तो, धन संबंधी समस्यांएं दूर हो जाती हैं।नारियल नज़र उतारने में भी कारगर रहता है। किसी भी काम की शुरूआत से पहले नारियल फोड़ा जाता है । कोई भी नया काम बिना नारियल फोडे पूरा नहीं माना जाता है। आपने अक्सर मंदिरों में देखा होगा कि नारियल को या तो पंडित या फिर कोई पुरुष ही फोड़ता है। महिलाओं को नारियल फोड़ने का अधिकार हिंदू धर्म में नहीं दिया गया आइये जानते है ऐसा क्यों होता है?

नारियल के पीछे एक कथा छुपी हुई है। वह यह है कि ब्रम्हा ऋषि विश्वामित्र ने विश्व का निर्माण करने से पहले नारियल का निर्माण किया था। यह मानव का प्रतिरूप माना गया था। नारियल को बीज रूप माना गया है, जो प्रजनन क्षमता से जुड़ा है।पूजा में नारियल के प्रयोग करने के पीछे भी एक कहानी बताई जाती है। कहते हैं कि ऋषि विश्वामित्र ने विश्वओ का निर्माण करने से पहले नारियल का निर्माण किया था। यह मानव का प्रतिरूप माना गया था। महिलाएं नारियल क्यों नहीं फोड़ती हैं दरअसल इसके पीछे एक वजह है,नारियल एक बीज का रूप है और इसको महिलाओं की प्रजनन क्षमता से जोड़कर देखा जाता है महिलाए बीज रूप से ही शिशु को जन्म देती हैं और इसलिए नारी के लिए बीज रूपी नारियल को फोड़ना अशुभ माना गया है। हालाँकि इसके बारे में ना तो कहीं लिखा गया है। यह सब सामाजिक मान्याताओं के चलते बरसों से हमारे रीति-रिवाज का हिस्सा बन गया है।