जानिए महाशिवरात्रि व्रत का महत्व ….!!!!!!

महाशिवरात्रि व्रत का महत्व

Shiv-Parvati

देवों के देव भगवान भोले नाथ के भक्तों के लिए श्री महाशिवरात्रि का व्रत विशेष महत्व रखता हैं | यह पर्व फाल्गुन कृ्ष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है| शिवरात्रि’ भगवान शिव और माँ पार्वती के मिलन का महापर्व है| हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने में मनाया जानेवाला यह पर्व हिन्दू धर्म में काफ़ी प्रसिद्ध है| ऐसा कहा जाता है की गंगा स्नान कर भगवान शिव की आराधना करने वाले भक्तो और साधकों को इच्छित फल, धन, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है| हिन्दुओं द्वारा पूरी साधना से मनाया जाने वाला यह महापर्व शिव जी की शादी के लिए प्रसिद्ध है| पुराणिक कथा के अनुसार इस दिन शिव शंकर और माँ गौरा विवाह बंधन में बंधे थे|

महाशिवरात्रि हिन्दुओ के प्रमुख त्यौहार में से एक है।इस दिन पूजा करने से भक्त को मोक्ष प्राप्त होता है ।कुवारी कन्या अगर यह व्रत सच्चे मन से करती है तो उन्हें एक अच्छा  जीवन साथी प्राप्त होता है ।भोले शंकर को प्रसन करने के लिए यह एक प्रमुख त्यौहार है ।महाशिवरात्रि व्रत का सबसे प्रमुख भाग इसका उपवास है| इस दिन शिव भगवान के भक्तों का जमावड़ा शिव मंदिर में लगता है जहाँ सरे भक्तजन शिवलिंग का विधि पूर्वक पूजन करते हैं इस दिन शिव लिंग का प्रादुर्भाव हुआ था। इस कारण यह महाशिवरात्रि मानी जाती है। इस व्रत को वर्ण और वर्णेतर सभी समान रूप से कर सकते हैं। व्रत का पालन नहीं करने वाला दोष का भागीदार होता है।इस दिन केवल एक समय का भोजन अर्थात फल का सेवन कर सकते है| कई सारे भक्त इस दिन निर्जला उपवास रखते है|

भगवान् शिव एवं माँ पारवती हम सबके चिंतन को सदा-सदैव सकारात्मक बनायें एवं सबकी मनोकामनाएं पूरी करें |

॥जय महाकाल ॥