राशिनुसार ऐसे करें महादेव की पूजा; मिलेगी हर कष्ट से मुक्ति,होंगी हर मनोकामना पूरी…!!!

भगवान शिव को सभी देवों में श्रेष्ट माना गया है। शंकर बहुत भोले हैं, इसीलिए हम उन्हें भोले भंडारी कहते है ,ऐसा इसलिए कहा जाता है की यदि कोई भक्त सच्ची श्रद्धा से उन्हें सिर्फ एक लोटा पानी भी अर्पित करे तो भी वे प्रसन्न हो जाते हैं।वैसे तो भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है और उनकी भक्ति विशेष फल प्रदान करती है।लेकिन आज हम

देवो के देव महादेव
देवो के देव महादेव

आपको बता रहें है कैसे अपनी राशिनुसार शिवजी की पूजा कर हम अपने सभी कष्टों से मुक्ति पा सकते है,तो आइये जानते है:

मेष – बेल पत्र पर सफेद चंदन से श्रीराम लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करें। ओम नमः शिवाय मंत्र का जप करें।

वृष – सुख शांति के लिए बिल्वपत्र के साथ शिवलिंग पर दूध और शर्करा मिश्रित जल चढ़ाएं। शिवपंचाक्षर स्तोत्र का पाठ करें।

मिथुन – शहद मिश्रित जल से अभिषेक करें। हरा वस्त्र और हरे फल शिव मंदिर में दान करें। ’हृीं ओम नमः शिवाय हृीं’ मंत्र का जप करें।

भोलेनाथ
भोलेनाथ

कर्क– कपूर मिश्रित जल, दूध, दही, गंगाजल व मिश्री से शिवजी का अभिषेक करें। दूब और बिल्वपत्र चढ़ाएं। ’ओम हृीं हृौं नमः शिवाय’ मंत्र का जप करें।

सिंह – मिश्री व जल से अभिषेक करें। बिल्वपत्र के साथ लाल पुष्प शिवलिंग पर चढ़ाएं। आक की माला अर्पित करें। शिवमहिम्न स्तोत्र का पाठ करें।

कन्या – दूध और शहद से शिव लिंग पर अभिषेक करें। बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें। आक की माला चढ़ाएं। रुद्राष्टक का पाठ करें, तो अपयश तथा आर्थिक हानि से बच सकेगें।

शिवलिंग की पूजा
शिवलिंग की पूजा

तुला – सावन मास में दही और गन्ने के रस से अभिषेक करें। बेल पत्र के साथ हारसिंगार की माला चढ़ाएं। शिव ताण्ड़व स्तोत्र का पाठ करें।

वृश्चिक – शिवलिंग पर गंगाजल के साथ दूब और बिल्वपत्र चढ़ाएं। लाल चंदन का तिलक करें। शिवाष्टोत्तरषतनामावली का जप करें।

धनु– कच्चे दूध में केसर, मिश्री व हल्दी मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराएं। हल्दी व केसर से तिलक करें। रुद्र गायत्री ’’ओम तत्पुरुषाय विद्महे। महादेवाय धीमहि।। तन्नोरुद्र प्रचोदयात्।।’’ का जप करें। केला, आम, पपीता का दान दें।

मकर – शनि की शांति के लिए घी, शहद, दही और बादाम के तेल से अभिषेक करें तथा नारियल के जल से स्नान कराकर नीलकमल अर्पित करें। लघु मृत्युंजय मंत्र ’ओम जूं सः’ का जप करें।

शिवलिंग की पूजा
शिवलिंग की पूजा

कुंभ – इस राशि के जातक तेल से अभिषेक करें, शिवलिंग पर जल के साथ दूब और बिल्वपत्र चढ़ाएं। बीमारी अथवा शत्रुभय हो तो महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।

मीन – कच्चे दूध में हल्दी मिलाकर शिवजी को अर्पित करें।  बिल्वपत्र, पीले पुष्प, कनेर के पुष्प षिवलिंग पर चढ़ाएं। शिव पंचाक्षर मंत्र ’ओम नमः शिवाय’ का जप करें।

 

॥ ॐ नमः शिवाय ॥

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