भूलकर भी न करे ये काम कम हो जाती है उम्र…!!!

भूलकर भी न करे ये काम कम हो जाती है उम्र…!!!

भूलकर भी न करें ये काम कम हो जाती है उम्र
भूलकर भी न करें ये काम कम हो जाती है उम्र

हिन्दू धर्म के 18 पुराणों में से एक गरुड़ पुराण है। गरुड़ पुराण में हमारें जीवन को लेकर कई गूढ बातें बताई गई है। जिनके बारें में व्यक्ति को जरुर जनना चाहिए।गरुड़ पुराण का पाठ अक्सर किसी की मृत्यु के बाद कराया जाता है गरुड़ पुराण में हमारें जीवन में कई ऐसी चीजें होती है जिनके बारें में जानकर हमें सावधान रहना चाहिए। क्योंकि यही चीजें हमारें लिए परेशानी का कारण बन जाती है। यह एक ऐसा ग्रंथ है जो हमें अनेक गुप्त बातों के बारें में भी बताता है। इस ग्रंथ में ऐसे कामों के बारें में भी बताया गया है जो करने से आपके लिए परेशानी हो सकती है या फिर आपकी उम्र भी कम हो सकती है। ऐसे ही जानिए कौन से काम नही करना चाहिए । जिससे आपकी उम्र कम हो।

  • सुबह देर से जगना-पुराणों के अनुसार माना जाता है कि हमें ब्रह्म मुहूर्त में जगना चाहिए। माना जाता है कि सुबह जल्दी जगने से सुबह की हवा बहुत ही शुद्ध और ज्यादा आक्सीजन वाली होती है जिसका सेवन करने से कई बीमारियों से राहत मिल जाती है और हमारा स्वशन तंत्र स्वस्थ रहता है। अगर आप सुबह देर से जगे यानी देर तक सोते रहे तो इस हवा का सेवन आप नही कर पाएगे। जिसके कारण आपको कई तरह की बीमारियां हो सकती है। जिससे आपकी ऊम्र कम हो सकती है।
  • रात को दही न खाएं-गरुड़ पुराण में बताया गया है कि रात में दही खाना आपकी उम्र को कम कर सकता है। आमतौर में दही खाना बहुत ही फायदेमंद है, लेकिन इसे रात में खाना कई तरह की बीमारियां ला सकती है।   इसलिए रात के समय दही बिल्कुल भी न खाएं।

  • बासी मांस का सेवन न करें -गरुड़ पुराण के अनुसार माना जाता है कि अगर आप बासी यानी कई दिन का रखा मांस खा रहे तो आपकी ऊम्र कम हो सकती है, क्योंकि जब मांस पुराना होता है तो वह सुख जाता है और उसमें कई तरह के खतरनाक बैक्टारियां हो सकते है। जब कोई व्यक्ति यह मांस खाता है तो मांस के साथ बैक्टीरिया तथा वायरस भी उसके पेट में चले जाते हैं और कई प्रकार के रोग उत्पन्न करते हैं। ये रोग मनुष्य की आयु कम करते हैं।
  • श्मशान के धुएं से रहें दूर-गरुड़ पुराण में कहा गया है कि श्मशान में किसी शव का अंतिम संस्कार हो रहा हो तो वहा से हट जाना चाहिेए, क्योंकि जिस शव का अंतिम संस्कार कर रहे है। अस शव में कई प्रकार के बैक्टरिया या वायरस हो सकते है। जो धुएं के माध्यम से आपके अंदर आकर संक्रमण फैला सकते है। माना जाता है जब शव का दाह-संस्कार किया जाता है तो शरीर के बैक्टरिया और वाइरस खत्म हो जाते है और कुछ हमारे वायुमंडल में धुएं के साथ फैल जाते है। जिसके कारण जब मनुष्य पर वो धुआ आता है तो वह हमरें शरीर में बैक्टरिया चिपक जाती है। जिससे हमें कई तरह की बीमारियां हो जाती है। और इन रोगो के कारण आपकी आयु कम हो जाती है।