आज जानिये इस मंदिर के खंभे झूलते हैं हवा में, रामायण काल से जुड़ा है इतिहास !!

आज जानिये इस मंदिर के खंभे झूलते हैं हवा में, रामायण काल से जुड़ा है इतिहास !!

भारत में ऐसे कोई मंदिर है जोकि अपने चमत्कार हो और कहानियों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में एक ऐसा ही मंदिर है जो की अपने ऐतिहासिक और चमत्कारी महत्व के लिए जाना जाता है।इस मंदिर की यह खासियत है कि इस मंदिर में स्तंभ बिना किसी सहारे के हवा में झूल रहे होते हैं इसके अलावा इस मंदिर का बहुत बड़ा संबंध रामायण काल से भी जुड़ा हुआ है।

यह मंदिर बेंगलुरु से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर अनंतपुर जिले के लेपाक्षी गांव में है इस मंदिर के बिना किसी सहारे हवा में लटके हुए हैं। यहां के झूलते खंभों को लेकर यह मान्यता प्रचलित है कि इन कामों के नीचे से अपनी साड़ियां कपड़े निकालने पर मनुष्य मनोकामना पूरी हो जाती है।

आज जानिये इस मंदिर के खंभे झूलते हैं हवा में, रामायण काल से जुड़ा है इतिहास !!


लेपाक्षी गांव के साथ रामायण की कथा प्रचलित है कि सीता हरण के समय पक्षीराज जटायु ने रावण से युद्ध किया था और युद्ध में घायल होकर जटायु नहीं गिरे थे। जब भगवान राम ने जटायु को देखा तो कहा उठो पक्षी जिसे तेलुगु में लेपक्षी कहा जाता है तभी से इस जगह का नाम लेपाक्षी पड़ गया।

मंदिर परिसर के पास ही एक विशाल पैर की आकृति धरती पर अंकित है जिसे भगवान राम के पैर का निशान मानकर पूजा जाता है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर नंदी की विशाल प्रतिमा बनी हुई है या एक ही पत्थर से बनी है और यह देश की सबसे विशाल मूर्तियों में से एक मानी जाती है।